बरेली।Maulana Tauqeer Raza बरेली को बवाल की आग में झोंकने के आरोपियों से पुलिस प्रशासन अब सख्ती से निपट रहा है। मौलाना के साथ ही उसके साथ लोगों के उकसाने के आरोपी को पुलिस जेल भेज रही है। इसी क्रम में दंगे से पहले मौलाना को पनाह देने के आरोपी फरहत की पत्नी खुशनसीब को अब अपने घर पर बुलडोजर चलने का डर सताने लगा है। उसने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उनका घर न तोड़ा जाए। कहा कि सुबह-शाम दरवाजे पर कोई भी आता है तो लगता है कि मकान तोड़ने के लिए लोग आए हैं।
बता दें शहर में शुक्रवार को बवाल से एक रात पहले आईएमसी प्रमुख अपने करीबी फरहत के मकान में रुका था। फाइक एन्क्लेव स्थित फरहत के मकान पर अब बीडीए की कार्रवाई की गाज गिर सकती है। फरहत की पत्नी खुशनसीब ने कहा कि हमें नहीं पता था कि मौलाना तौकीर के मन में क्या चल रहा है। वह अकसर घर पर आते थे और उस दिन भी वह आए थे। उन्हें चाय-नाश्ता कराया गया। इसके बाद उन्होंने कुछ देर लेटने को कहा। देर रात सोने के कारण परिवार के लोगों की आंख भी देरी से खुली तो बात बिगड़ चुकी थी और पुलिस ने आकर मौलाना को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद शाम को बच्चे आए और अपने-अपने कमरों में लेट गए। सुबह पुलिस उनके पति फरहत और बेटे मोइन को भी ले गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि उनका पति और बेटा बेकसूर है। उनका मकान न तोड़ा जाए।
बीडीए की टेढ़ी नजर
फरहत के मकान पर बीडीए की नजर टेढ़ी हो गई है, वह कभी भी बुलडोजर चलवा सकती है। बीडीए के अफसर दबी जुबान में कह रहे हैं कि पुलिस और प्रशासन को उन्होंने फरहत का मकान खाली कराने के लिए कहा है। वहीं, पुलिस ने इस बात को सिरे से नकार दिया है। मौलाना तौकीर रजा खां को शरण देने वाले आरोपी फरहत के मकान पर बीडीए की टीम दो बार जा चुकी है। एक बार सर्वे के नाम पर पहुंची और कार में से ही वीडियो बनाकर लौट गई। इसके बाद मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ गई। कार्रवाई के लिए पहुंचने के बाद टीम के फोन घन-घनाने लगे। इसके कुछ देर बाद ही सील हुए फहम लॉन से टीम लौट गई।
इस दौरान बीडीए के अधिकारियों ने कहा था कि नोटिस दे दिया है, अब आगे की कार्रवाई बाद में करेंगे। नोटिस में मकान का अवैध निर्माण होने पर उसे खाली कराने की बात कही गई है। इस मामले में बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। अधिकारियों की ओर से जब निर्देश होंगे तो बीडीए को फोर्स मुहैया करा दी जाएगी। बीडीए की नोटिस तामील कराने का काम पुलिस का नहीं है।
The tragic end of love प्रेमी के लिए छोड़ी बसी बसाई गृहस्थी, अब दो साल बाद कुएं में मिला कंकाल
