लखनऊ। Union Budget वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना नौवां बजट संसद में पेश किया। उन्होंने पूरे देश का विशेष ध्यान रखा। उनके पिटारे से यूपी के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें निकलकर सामने आई। उन्होंने कहा कि बीते 12 साल के दौरान अनिश्चितताओं के बावजूद हमने स्थिर अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है। हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं। आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा है। आयात पर निर्भरता को घटाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को इसका लाभ मिले, कृषि उत्पादकता बढ़े और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़े। इन उपायों की वजहों से सात फीसदी की विकास दर हासिल हुई है। इससे गरीबी उन्मूलन और लोगों के जीवन में सुधार हासिल हो सका है।’
वित्त मंत्री ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि देश में छह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बंगलूरू, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है। “पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे। मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी।
20 नए जल मार्ग शुरू होंगे
अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी। इसके साथ ही जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर खुलेंगे। यूपी के सभी जिले में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को 12.2 लाख करोड़ से डेवलप किया जाएगा। इस कैटेगरी में लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर समेत 25 शहर आएंगे। छोटे तीर्थ स्थलों को भी विकसित किया जाएगा।केंद्र ने सेमीकंडक्टर 2.0 की शुरुआत की है। नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क बन रहा है। प्रदेश को इसका फायदा होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि नोएडा में हजारों रोजगार के अवसर विकसित होंगे।

धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा
सारनाथ और हस्तिनापुर के धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसमें सारनाथ (वाराणसी के पास) और हस्तिनापुर (मेरठ के पास) को प्रमुख सांस्कृतिक/धार्मिक स्थलों के रूप में विकसित करने का ऐलान किया गया है। सारनाथ में बौद्ध विरासत पर फोकस किया जाएगा, जो पहले से ही बजट में शामिल था। देश में कुल 15 सांस्कृतिक साइट्स और इको-टूरिज्म पर जोर दिया जाएगा, जिससे यूपी के कई जिलों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।महाभारत काल की पांडवों की राजधानी के रूप में विख्यात हस्तिनापुर, अपने गौरवशाली अतीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत था। बजट में की गई इस घोषणा से न केवल यहां की बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र पर्यटन के नए द्वार भी खोलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्खनन स्थलों को सार्वजनिक रूप से सुलभ कराने से आम नागरिक भारतीय सभ्यता की जड़ों को और गहराई से समझ सकेंगे।
यूपी को क्या मिला
यूपी के लिए प्रमुख घोषणाएं
- लखनऊ में एआई सिटी विकसित करने के लिए मदद
- वाराणसी में एकीकृत लॉजिस्टिक हब का निर्माण
- ग्रामीण महिलाओं के लिए सी मार्ट
- यूपी के सभी जिलों में इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर का निर्माण
- यूपी के सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनेंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने सराहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026 कहा, “आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है जिसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है…आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर देना, महिलाओं के लिए हर जनपद में छात्रावास के निर्माण की व्यवस्था, नौजवानों के लिए हर क्षेत्र में अवसर के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में रिफॉर्म का बजट पेश किया गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ये बजट मददगार साबित होगा।”

अखिलेश यादव ने जताई निराशा
केंद्रीय बजट 2026 पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “ये गरीब किसान और गांव में रहने वाले लोगों के समझ से बाहर बजट है। ये बजट गरीब का पेट नहीं भर सकती है। नौकरी रोजगार दिए नहीं, सपने दिखाने वाले बजट है।”
