सीतापुर पुलिस ने Journalist Raghavendra के दो हत्यारोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया, एक- एक लाख था इनाम

Sitapur police killed two accused of journalist Raghavendra's murder in an encounter, each had a reward of Rs 1 lakh

राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में मारे गए शूटरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था।

सीतापुर। यूपी के सीतापुर पुलिस ने Journalist Raghavendra बाजपेयी हत्याकांड के दो शूटरों को गोली मारकर ढेर कर दिया। दोनों ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर आठ मार्च को पत्रकार की गोली मारकर हत्या की थी। हालांकि पत्रकार राघवेंद्र की पत्नी पुलिस की कार्रवाई से अंसतुष्ट है। उनका कहना है उन्हें जानने का हक था, उन्होंने उनके पति की हत्या की क्यों की, इनके मारे जाने से सारे राज दफन हो गए। राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में मारे गए शूटरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था।

एक-एक लाख रुपये थे इनाम

बता दें सीतापुर के महोली निवासी Journalist Raghavendra   हत्याकांड में वांछित और एक-एक लाख रुपये के इनामिया बदमाश संजय तिवारी और राजू तिवारी की बृहस्पतिवार सुबह पिसावां में पुलिस से मुठभेड़ हुई। पुलिस से मुठभेड़ में दोनों शूटर घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शूटरों के मारे जाने के बाद राघवेंद्र के परिवार से भी प्रतिक्रिया आई है। राघवेंद्र की पत्नी इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पिसावां महोली मार्ग पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम काम्बिंग कर रही थी। इसी दौरान शूटर संजय तिवारी और राजू तिवारी बाइक से जा रहे थे। पुलिज ने बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया तो दोनों ने पुलिस पर फायर झोंक दिया।

मुठभेड़ में शूटरों को लगी गोली

पुलिस ने भी क्रॉस फायरिंग की। दोनों शूटरों को मुठभेड़ में गोली लग गई। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि दोनों वांछित थे। शूटरों की पहचान संजय तिवारी उर्फ अकील खान और राजू तिवारी उर्फ रिजवान के रूप में हुई है। दोनों मिश्रित के अटवा निवासी हैं। इन पर हत्या का प्रयास, हत्या और अन्य कई गंभीर मामले दर्ज थे।

आठ मार्च को हुई थी राघवेंद्र की हत्या

इसी वर्ष आठ मार्च को राघवेंद्र की हेमपुर ओवरब्रिज पर करीब दोपहर तीन बजे दो शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने 34 दिनों के बाद हत्याकांड का खुलासा कर एक पुजारी और दो अन्य को जेल भेजा था। इस मामले में दोनों शूटर फरार चल रहे थे। इनकी तलाश में टीमें लगी थीं।आठ मार्च को हुए पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड का 34 दिन बाद पुलिस ने खुलासा किया था। हत्याकांड में पांच लोग शामिल थे जिनमें से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। साजिश में शामिल कारेदेव बाबा मंदिर के पुजारी को उनके दो परिचितों के साथ गिरफ्तार किया गया था। वहीं, गोली मारने वाले दो शूटरों को वांछित घोषित किया गया था। उन्हें पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की तीन टीमों के अलावा एसटीएफ की सात टीमें लगी थीं।

 

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