नई दिल्ली। संसद की सत्र के पहले दिन Vice President Jagdish Dhankhar के अचानक इस्तीफे ने हर किसी को हैरान कर दिया। अब उनके उत्तराधिकारी के लिए रेस शुरू हो गई है।सत्तारूढ़ भाजपा नीत राजग को लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों सहित मतदाताओं में बहुमत प्राप्त है, इसलिए धनखड़ के इस्तीफे के फैसले से वह आश्चर्यचकित है। बता दें धनखड़ उपराष्ट्रपति का पद संभालने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है इस पद के लिए फिर एक बार राज्यपालों में से किसी अनुभवी को तवज्जों दी जा सकती है।
निर्विवाद चेहरे की जरूरत
भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है। Vice President Jagdish Dhankhar से पहले भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति थे। 2017 में जब पार्टी ने उन्हें प्रमुख संवैधानिक पद के लिए चुना था, तब वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में थे। एक भाजपा नेता ने कहा, “हम अभी भी इस पर विचार कर रहे हैं। लेकिन मेरा मानना है कि पार्टी किसी ऐसे व्यक्ति को चुनेगी, जो ठोस विकल्प हो और जिस पर कोई विवाद न हो।” जदयू के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को भी संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वह 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं और सरकार का विश्वास प्राप्त है। वहीं शिवराज सिंह चौहान भी भाजपा के लिए बढ़िया विकल्प हो सकता है। धनखड़ के तीन साल के कार्यकाल में राज्यसभा में विपक्षी दलों के साथ उनकी अक्सर तकरार हुई, लेकिन अक्सर विवादास्पद मुद्दों पर उनकी तीखी टिप्पणियों ने सरकार को कई बार निराश किया।
