कर्ज चुकाने मासूम का कत्ल:सुल्तानपुर में कारोबारी के बेटे की अपहरण कर हत्या, पड़ोसी ही निकला कातिल

सुल्तानपुर। यूपी के सुल्तानपुर जिले में अन्य जिलों की तुलना में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा रहा हैं। अपराधियों के​ निशाने पर कारोबारी है, कभी उनके व्यवसाय पर डाका डाला जा रहा है तो कभी उनके परिवार को निशान बनाया जा रहा है। ताजा मामला एक व्यापारी के पुत्र की अपहरण कर हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार सुल्तानपुर के गांधीनगर मोहल्ले में सोमवार रात पड़ोसी आसिफ ने पांच लाख की फिरौती के लिए व्यापारी शकील के बेटे उसामा का अपहरण कर लिया।

उसी रात उसकी रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। शव अपने ही बेड के नीचे छिपाकर ऊपर सोता रहा और पुलिस को गुमराह करने के लिए परिजनों के साथ मिलकर बच्चे की तलाश में जुटा रहा। बुधवार भोर में पुलिस ने आसिफ को गिरफ्तार कर शव बरामद कर लिया। वारदात में शामिल उसके पिता, चाचा-चाची और चचेरी बहन को भी जेल भेज दिया।

सर्विलांस से पहुंची पुलिस

गांधीनगर निवासी शकील अहमद का शाहगंज चौकी के पास दोना-पत्तल का कारोबार है। उनका पुत्र मोहम्मद उसामा (11) उर्फ साहिल 25 नवंबर रात करीब आठ बजे घर से बरात देखने निकला और फिर लौटकर नहीं आया। कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। मंगलवार को अलग-अलग नंबरों से उसामा के परिजनों को कॉल करके पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने सभी नंबरों को सर्विलांस पर लगाया।

एक नंबर की लोकेशन शकील के घर के बगल में मिली। आसपास के घरों की जांच के बाद पुलिस ने शकील के मकान के ठीक सामने रहने वाले आसिफ के घर की तलाशी ली, जहां उसके बेड के नीचे उसामा का शव मिला। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आसिफ ने बताया कि उस पर काफी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए अपहरण की योजना बनाई। उसामा को छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। बात 3.74 लाख रुपये पर बन भी गई थी।

नहीं निकाली थी गले की रस्सी

हत्यारोपी आसिफ ने उसामा की हत्या कर उसकी लाश को 36 घंटे तक अपने बेड के नीचे छिपाकर रखा था। जिस रस्सी से उसने उसामा का गला घोंटा था, वो बालक के गले में कसी मिली थी। बेड के नीचे लाश थी और सोमवार की रात आसिफ उसी बेड पर सोया था। पुलिस की जांच में ये भी सामने आया है कि उसामा की हत्या करने के बाद वह अपने कमरे में ताला लगाकर बरात चला गया था। रात करीब एक बजे वह वापस आया और उसामा की खोजबीन में लगे लोगों से मिला। उनसे पूछा कि क्या अभी तक बच्चा नहीं मिला। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया था।

हत्यारोपी को फांसी देने की मांग

कारोबारी शकील की दो संताने थीं। बड़ा बेटा उसामा उर्फ साहिल केएनआईसीई में कक्षा चार का छात्र था। उसका एक छोटा भाई आहिल (02) है। बड़े बेटे की हत्या से गम में डूबी उसकी मां सलमा बार-बार यही कह रही थी कि मेरे मासूम बच्चे ने किसी का क्या बिगाड़ा था। हत्यारोपी को फांसी दो। क्यों उसने ऐसा कर दिया।

इसे भी पढ़ें..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

‘राम’ बनकर छाए रणबीर कपूर Play Holi with herbal colours Shreya Sharma’s new avatar in ‘Mr. and Mrs. Grey’ भारत की चैंपियन बेटियां Main Shakti Peethas of Mother