गोदरेज एग्रोवेट त्रिपुरा में ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल स्थापित करेगा

  • अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने की तैयारी, विकसित किए जाएंगे स्थानीय जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बीज
  • ऑयल पाम किसानों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए कायम किया जाएगा वन-स्टॉप सॉल्यूशन सेंटर – ‘समाधान’

बिजनेस डेस्क धलाई, त्रिपुरा:  गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड (जीएवीएल) ने आज घोषणा की कि उसका ऑयल पाम प्लांटेशन बिजनेस (ओपीपी) त्रिपुरा में ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल स्थापित करेगा। राज्य के धलाई जिले में स्थापित होने वाली इस मिल में, जहां कंपनी वर्तमान में 3 लाख प्रति वर्ष की क्षमता वाली नर्सरी संचालित करती है और इसे बढ़ाकर 5 लाख प्रति वर्ष करने की योजना बना रही है, कंपनी ‘समाधान’ केंद्र खोलने के अलावा, ऑयल पाम के लिए एक उन्नत अनुसंधान एवं विकास केंद्र भी स्थापित करेगी। ‘समाधान’ दरअसल ऑयल पाम किसानों को व्यापक सहायता प्रदान करने वाला वन-स्टॉप समाधान केंद्र है।

मिल और आरएंडडी सेंटर के शिलान्यास समारोह में त्रिपुरा के माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। शिलान्यास समारोह में मलेशिया के एसडी गुथरी प्लांटेशन के अनुसंधान एवं विकास प्रमुख डॉ. हरिकृष्ण कुलवीरसिंहम भी मौजूद थे। ऑयल पाम जीनोम के अध्ययन और डिकोडिंग में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, वह कंपनी को स्थानीय स्तर पर उच्च उपज वाले टिकाऊ ऑयल पाम विकसित करने के लिए मार्गदर्शन करेंगे।

पाम की खेती का विस्तार

अगस्त 2021 में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) की शुरुआत के बाद, त्रिपुरा सरकार ने कम से कम 7,000 हेक्टेयर भूमि को पाम की खेती के तहत लाने की योजना शुरू की है। इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए त्रिपुरा के माननीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, त्रिपुरा सरकार एक ऐसा इको-सिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राज्य के ऑयल पाम किसानों के लिए फायदेमंद हो और फसल के लिए सबसे उपयुक्त भूमि का उपयोग करे।

राज्य में ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल के आने से, हमारे किसान अब राज्य के भीतर अपनी उपज बेच सकते हैं। हम गोदरेज एग्रोवेट जैसे भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदारों के साथ साझेदारी करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं, जो निश्चित रूप से राज्य में ऑयल पाम किसानों के उत्थान में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करेंगे। समाधान केंद्र स्थापित करने का उनका निर्णय न केवल मौजूदा ऑयल पाम बल्कि नए ऑयल पाम किसानों की भी मदद करेगा, जिससे राज्य की क्षमता में उनका मजबूत विश्वास प्रदर्शित होगा।’’

पॉस से किसानों को लाभ

गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बलराम सिंह यादव ने कहा, ‘‘हम त्रिपुरा सरकार के आभारी हैं, जिन्होंने पाम ऑयल किसानों के उत्थान के हमारे साझा मिशन में पूरे दिल से सहयोग दिया है। उनके द्वारा बनाया जा रहा अनुकूल इको-सिस्टम वाकई उत्साहजनक है।’’उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि आज की घोषणा से न केवल किसानों को अपनी उपज सीधे हमें बेचने में मदद मिलेगी, बल्कि रोजगार पैदा करने और कारोबार की संपूर्ण वैल्यू चेन से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। हमें विश्वास है कि तीन दशकों से अधिक की हमारी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर, राज्य का समर्थन और विश्वास निश्चित रूप से हमें पाम ऑयल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में योगदान करने का अवसर प्रदान करेगा।’’

रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर

आरएंडडी केंद्र स्थापित करने के निर्णय पर टिप्पणी करते हुए सौगाता नियोगी, सीईओ-ऑयल पाम प्लांटेशन बिजनेस, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड ने कहा, ‘‘एक ऐसे संगठन के रूप में जो लाभप्रदता से पहले सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता देता है, यहां भी हमारा प्रयास पाम ऑयल की खेती में सस्टेनेबिल प्रथाओं को बढ़ावा देना है। इसी के अनुरूप, हमने इस क्षेत्र में एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। यहाँ, हमारे वैज्ञानिकों की टीम स्थानीय जलवायु परिस्थितियों और इसके अलावा राज्य की जलवायु के अनुकूल बीज विकसित करने के लिए जीनोमिक्स का काम करेगी।

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