लखनऊ। सभी जानवरों के अधिकारों की रक्षा को समर्पित राष्ट्रीय संस्था पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया की शिकायत पर छापेमारी में 700 से अधिक तोतों एवं अन्य पक्षियों को बरामद किया गया। इसके साथ ही इन्हें बेचने वालें व्यापारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। संस्था की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि इस सप्ताह, पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स ‘पेटा’ इंडिया की एक शिकायत पर कार्रवाई की।
छापेमारी में सैकड़ों पक्षी बरामद
पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश वन विभाग के कानपुर प्रभाग ने प्रभागीय वन अधिकारी दिव्या, आईएसएफ के नेतृत्व में छापेमारी करके कानपुर के परेड बाजार की दुकानों से 700 से अधिक पक्षियों को बरामद किया, जिनमें लगभग 90 गुलाबी-छल्ले वाले तोते, 50 टुइयाँ तोते, 10 एलेक्जेंड्राइन तोते, 250 स्केली-ब्रेस्टेड मुनिया, 150 भारतीय सिल्वरबिल मुनिया, 110 लाल मुनिया, 50 तिरंगे रंग वाली मुनिया और पहाड़ी मैना शामिल है।
अपराधियों पर रिपोर्ट दर्ज
पेटा इंडिया ने कानपुर के वन अधिकारियों के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर यह अनुरोध किया था कि इन पक्षियों को जब्त किया जाए एवं अवैध विक्रेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। संबंधित मामले में कोतवाली पुलिस स्टेशन द्वारा अपराधियों के खिलाफ़ वनजीव (संरक्षण) अधिनियम (WPA), 1972 की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने के उपरांत तीन कथित अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रेस्कयू के बाद पक्षियों को किया आजाद
बताया गया कि अप्रैल में कानपुर के वन अधिकारियों ने एक गन्ने के रस विक्रेता की दुकान पर बेहद छोटे और गंदे पिंजरों में रखे गए भारतीय रिंग-नेक्ड तोतों को बचाया था और PETA इंडिया की एक शिकायत के जवाब में पक्षियों के अवैध मालिक के खिलाफ एक प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट दर्ज करी गयी था।
दी गई जानकारी में बताया गया कि रेस्कयू के बाद जिंदा बचे पछियों को स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं अस्थायी पुनर्वास के लिए भेजा गया है और इन्हें पूरी तरह ठीक होने के बाद प्रकृति में वापिस छोड़ दिया जाएगा। बताया गया कि प्रकृति में जीवित रहने में असमर्थ प्रतीत होने वाले कुछ पक्षियों को स्थायी देखभाल के लिए अभयारण्य में भेजा जाएगा।
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