आजमगढ़।दीदारगंज थाना क्षेत्र से शनिवार को गिरफ्तार चितारा महमूदपुर निवासी Mohammad Nabil पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। एटीएस से मिली जानकारी के अनुसार नबील प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा था। जांच पड़ताल में उसके बारे में कई जानकारियां सामने आई हैं। करीब एक वर्ष पहले वह देवबंद गया था, लेकिन वह वहां किस उद्देश्य से गया था, इसकी जांच-पड़ताल की जा रही है। दीदारगंज थाना क्षेत्र के गांव चितारा महमूदपुर का नबील लोगों से ज्यादा मेलजोल भी नहीं रखता था। घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में अकेले रहता था। नबील की गिरफ्तारी के बाद उसके घर पर सन्नाटा पसरा है। गांव में दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
तीन वर्ष पहले पूरा किया था हिफ्ज का कोर्स
ग्रामीणों के अनुसार, नबील की शुरुआती धार्मिक शिक्षा फूलपुर के बाबू मदरसे में हुई, करीब तीन वर्ष पहले उसने हिफ्ज का कोर्स पूरा किया था। इसके बाद सरायमीर स्थित मदरसा मदरतुल इस्लाम में पढ़ाई कर रहा था। वह गांव के लोगों से बहुत कम मिलता-जुलता था। पड़ोसियों के मुताबिक उसकी गतिविधियों में ऐसा कुछ सामने नहीं आया था, जिससे किसी बड़े विवाद या आपराधिक गतिविधि का अंदेशा हो।
आजमगढ़ में एटीएस की दूसरी बड़ी कार्रवाई
आतंकी नेटवर्क और कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोप में एटीएस ने करीब साढ़े तीन माह जिले में दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। 31 मई 2026 को निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) से मोहम्मद शेख की गिरफ्तारी की गई थी। अब 12 सितंबर को दीदारगंज क्षेत्र के गांव चितारा महमूदपुर निवासी 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को आतंकी या कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का आरोप लगा है। एटीएस के मुताबिक, मोहम्मद शेख पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था। सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया था कि मोहम्मद शेख को दूसरे राज्य की एक राजनीतिक पार्टी की महिला नेता को धमकाने और उनकी हत्या करने का टास्क दिया गया था। आरोपी इस मिशन की तैयारी कर रहा था। उसने पिस्टल और गोली की व्यवस्था कर ली थी। उसके संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच आगे जारी जारी है।
