अयोध्या। करोड़ों हिन्दुओं के आस्था के केंद्र प्रभुश्रीराम की पावन नगर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चंदे से कुछ रुपये चुराकर कुछ पापी लोगों ने महापाप किया है,जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गर्माई हुई है। शुक्रवार को इस मामले में लखनऊ हाईकोर्ट में पीएआईएल दाखिल की गई। कुछ साधु-संत भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। उधर यूपी कैबिनेट में मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि सरकार इस मामले में कोई दखल या हस्तक्षेप नहीं है। यह पूरी तरह से ट्रस्ट का मामला है।
इस बीच Nripendra Misra आज अयोध्या पहुंच रहे हैं। उनके पहुंचने के बाद कुछ बड़े फैसले होने की उम्मीद है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर एक नया पत्र प्रधानमंत्री को भेजा गया है। पत्र में ट्रस्ट की स्थापना से अब तक प्राप्त समस्त दान, आय-व्यय, बैंक खातों, भूमि खरीद-फरोख्त और अन्य संपत्तियों का पूरा विवरण सार्वजनिक किए जाने की मांग की गई है। भाजपा नेता ने इससे पहले नौ जून को पीएम को पत्र भेजकर राम मंदिर की दानराशि में गबन प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की थी।
ट्रस्ट का विवरण सार्वजनिक करने की मांग
डॉ. रजनीश सिंह की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में लिखा गया है कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए धन, आभूषण और अन्य प्रकार के दान समर्पित किए हैं। इसलिए प्रत्येक भक्त को यह जानने का अधिकार है कि उसके दिए गए दान का उपयोग किस प्रकार किया गया। पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निर्देशित किया जाए कि वह अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्थापना काल से अब तक का पूरा विवरण सार्वजनिक करे। इसमें समर्पण निधि अभियान से प्राप्त धनराशि, दान पात्रों और ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त दान, सोना-चांदी एवं अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का लेखा-जोखा, सभी बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन, भूमि खरीद-बिक्री के अभिलेख, मंदिर निर्माण एवं प्रशासनिक खर्च का मदवार विवरण तथा ऑडिट रिपोर्ट और लेखा परीक्षण रिपोर्ट शामिल हों।
सरकार नहीं कर रही हस्तक्षेप: शाही
अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राम मंदिर दान प्रकरण में कहा है कि यह राम मंदिर ट्रस्ट का आंतरिक मामला है। ट्रस्ट ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आवश्यक कार्रवाई ट्रस्ट अपनी नियमावली के अनुसार करेगा। इस मामले को लेकर ट्रस्ट पूरी तरह सजग और सतर्क है। यदि कहीं कोई कमी या अनियमितता है तो उसकी जांच की जा रही है। सरकार फिलहाल इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर रही है, क्याेंकि यह ट्रस्ट का विषय है। यदि ट्रस्ट सरकार से किसी सहायता या कार्रवाई की अपेक्षा करेगा तो सरकार उस पर विचार करेगी।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की सीबीआई जांच हो
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसकी जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे में चोरी की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। यादव ने दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पारसनाथ यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी सभी धर्मों और जातियों का सम्मान करती है। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा भी इस मामले की जांच की मांग किए जाने का उल्लेख किया।
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