फिरोजाबाद। FirozabadNews :यूपी के शिकोहाबाद में दो दिन पहले प्रेमी जोड़े के आग लगाकर खुदकुशी करने के मामले में नया मोड़ आ गया। जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे युवक की मां सुमन देवी ने इस घटनाक्रम को ऑनर किलिंग बताया है। इस मामले में पुलिस ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसी युवती खुशी (18) ने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होने से पहले ही दम तोड़ दिया था। पहले उसके बयान टूंडला में ही मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज होने थे। मगर, गंभीर हालत को देखते हुए उसे रोका नहीं गया था। एसएन मेडिकल कॉलेज में भी उसने बयानों से पहले ही दम तोड़ दिया। हालांकि आगरा कमिशनरेट के एक एएसीपी द्वारा युवक अरुण के बयान लिए गए हैं।
बता दें कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे शिकोहाबाद के मोहल्ला पड़ाव लाल सराय गली-2 निवासी खुशी (18) और उसके घर से करीब 11 किमी दूर रहने वाले मोहब्बतपुर अहीर निवासी अरुण (19) ने पुलिस की दबिश के दौरान बंद पड़े मकान की रसोई में खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। दोनों को गंभीर हालत में आगरा रेफर किया था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए शिकोहाबाद पुलिस ने आगरा में ही मजिस्ट्रेट की व्यवस्था कराई थी।
अरुण के बयान हुए दर्ज
मजिस्ट्रेट के पहुंचने से पहले ही गंभीर रूप से झुलसी खुशी की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई, जिससे उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। इसके बाद शनिवार को मजिस्ट्रेट ने अस्पताल में वेंटिलेटर पर मौत से जूझ रहे युवक अरुण के बयान दर्ज किए। पुलिस को अब सोमवार को सीजेएम कोर्ट से ये बयान मिलने का इंतजार है। बता दें कि इस मामले में खुशी के मामा अवनीश शर्मा ने घटना से पूर्व अरुण के खिलाफ भांजी को बहलाकर ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। खुशी की मौत के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि पुलिस तत्काल मुकदमे को गंभीर धाराएं तरमीम करेगी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब धाराओं में बदलाव अरुण के मजिस्ट्रेटी बयानों के अध्ययन और सीजेएम कोर्ट के निर्देश के बाद ही किया जाएगा।
घटना की टाइमिंग को लेकर अंतर
इस घटना की टाइमिंग को लेकर पुलिस और पड़ोसियों के दावों में बड़ा अंतर हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि वे कंट्रोल रूम से आग लगने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे, वहीं पड़ोसियों का दावा है कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे यह जोड़ा बंद मकान में आया था। इसके करीब एक घंटे बाद पुलिस की टीम ने दबिश दी थी। पुलिस की घेराबंदी और पकड़े जाने के डर से घबराकर ही दोनों ने अंदर जाकर खुद को आग के हवाले किया था। फॉरेंसिक टीम को रसोईघर की जांच के दौरान बेहद दिल दहला देने वाले साक्ष्य मिले हैं। आग लगाने के बाद दोनों मौत की लपटों के बीच बुरी तरह तड़पे थे। रसोई में रखा पानी भी खुद पर उड़ेला था। पुलिस जब रसोई में दाखिल हुई थी तो आग बुझ चुकी थी, दोनों बुरी तरह झुसली हालत में तड़प रहे थे। मौके से तेल की एक खाली केन भी बरामद हुई है, जिसकी जांच की जा रही है कि उसमें डीजल था या केरोसिन।
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