चंदाैली।Assault on SP Leader : सपा में वर्चस्व की लड़ाई बढ़ती जा रही हैं, कभी सपा विधायक के घर में मारपीट और तोड़फोड़ तो कभी सपा महिला जिलाध्यक्ष के साथ मारपीट की जा रही है। अमेठी के बाद चंदौली में हुई मारपीट ने सपा की रीति —नीति पर सवाल उठा रहे है। मढ़िया गांव में सपा महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर हुए हमले मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्यारेलाल यादव ने कहा कि घटना प्रेम संबंध के शक में हुई, पैसों का कोई विवाद नहीं है। वहीं जिला अस्पताल पहुंचकर भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह ने गार्गी से मुलाकात की और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए घटना को शर्मनाक बताया।
आरोपित प्यारेलाल यादव ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले लखनऊ में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की बैठक हुई थी। बैठक में शामिल होने के लिए गार्गी सिंह पटेल भी गई थीं। उन्होंने कहा कि वह 10 साल से प्रॉपर्टी के काम से जुड़े हैं और उसी संबंध में वह गार्गी सिंह पटेल को अपने साथ लखनऊ लेकर गए थे। इसी मामले में सपा नेता सिद्धांत जायसवाल ने उनके परिवार वालों का ‘कान भर दिया’, जिससे परिवार में गलतफहमी पैदा हो गई। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से प्रेम संबंध के शक में गार्गी सिंह पटेल के साथ मारपीट हुई।उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में किसी प्रकार का आर्थिक विवाद या पैसे का लेनदेन बाकी नहीं है। प्यारेलाल यादव के बयान के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।
जान से मारने की धमकी दी थी
सपा महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने देर रात करीब 1:30 बजे पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक सप्ताह पहले लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में हुई बैठक के दौरान सपा नेता सिद्धांत जायसवाल निवासी रामनगर, वाराणसी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। गार्गी सिंह का आरोप है कि उनकी राजनीतिक छवि खराब करने और उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया। वहीं, सिद्धांत जायसवाल ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि उन्होंने पहले धमकी दी थी तो उस समय मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया गया।
लाठी-डंटे से पीटा, बाल पकड़कर घसीटा
थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता ने बताया कि वह गुरुवार सुबह घर पर थीं। इसी दौरान उनके जमीन कारोबार के साझेदार प्यारे मामा निवासी सूजाबाद पड़ाव घर पहुंचे। आरोप है कि कुछ देर बाद उर्मिला यादव, अमित यादव, मनोज यादव और मोनी यादव समेत अन्य लोग घर में घुस आए और हमला कर दिया। आरोपियों ने लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट की। बाल पकड़कर घसीटा गया, जिससे शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान गले से सोने की चेन और लकेट, कान की बाली तथा नाक की पिन छीनने का भी आरोप लगाया गया है।घर में मौजूद बच्चों प्रतिज्ञा सिंह और प्रगति सिंह के साथ भी मारपीट किए जाने की बात कही गई है। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को मुगलसराय राजकीय अस्पताल भेजा, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने शरीर में कई जगह फ्रैक्चर की पुष्टि की है।
पीड़िता से मिले पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष
घायल सपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल से शुक्रवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़िता का हालचाल जाना और घटना को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं के साथ इस प्रकार की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सपा पर महिलाओं के प्रति अत्याचार की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी महिला के साथ हिंसा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती।राणा प्रताप सिंह ने कहा कि गार्गी सिंह पटेल भले ही सपा की नेता हों, लेकिन सबसे पहले वह एक महिला हैं और उनके साथ हुई घटना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं के उत्पीड़न को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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