नई दिल्ली: Society of Indian Law Firms (SILF) के अध्यक्ष Dr Lalit Bhasin ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा कि यूक्रेन–रूस युद्ध तथा अमेरिका/इज़राइल–ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए SILF के सदस्य संस्थानों ने कई मितव्ययिता संबंधी कदम उठाने का निर्णय लिया है।
डॉ. भसीन ने कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री Narendra Modi के सक्रिय नेतृत्व और निगरानी में स्थिति का प्रभावी ढंग से संचालन एवं प्रबंधन कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश के नागरिकों, विशेष रूप से समाज के जागरूक वर्गों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए जहां तक संभव हो मितव्ययिता अपनाएं, खासकर तेल की स्थिति को देखते हुए ईंधन की खपत कम करने की दिशा में हर संभव प्रयास करें।
इसी क्रम में, प्रधानमंत्री के सुझाव से प्रेरित होकर SILF के सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि वे वर्तमान ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किसी भी प्रकार की विदेशी मनोरंजन यात्रा नहीं करेंगे। SILF ने यह भी माना कि वकीलों और लॉ फर्मों के कर्मचारियों को अवकाश की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है और विदेशी यात्राओं पर होने वाले खर्च से बचना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, यह भी तय किया गया कि लॉ फर्मों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि वाहनों के उपयोग को कम किया जा सके और ईंधन संरक्षण में योगदान दिया जा सके।
डॉ. भसीन ने आगे कहा कि SILF के सदस्य भारत सरकार की वर्तमान और भविष्य की उन सभी पहलों का समर्थन करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं, जिनका उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों और संकटों का सामना करना तथा उनका समाधान निकालना है।
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