लखनऊ। mother-in-law murdered प्रदेश की राजधानी में एक महिला ने किराएदार के प्यार में इस कदर पागल हो गई, उसे सास का रोकना—टोकना इतना नागवार गुजरा कि उसने प्रेमी की मदद से सास की हत्या करा दी। पुलिस वालों को घर वालों को गुमराह करने के लिए हत्या के बाद घर में चोरी का सीन क्रिएट किया, इसके साथ ही मृतका के गहने भी चुरा लिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की, इसी दौरान खोजी कुत्ता बार— बार हत्यारोपी किराएदार के पास जाकर रुकने लगा तो वह भगाने लगा। जिस पर पुलिस को शक हुआ कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने प्रेमिका के कहने पर हत्या और लूट करना स्वीकार कर लिया।
निशातगंज गली नंबर तीन में रहने वाली निर्मला देवी (69) की शनिवार शाम को हत्या कर दी गई। अवैध संबंध का विरोध करने पर निर्मला की हत्या उनकी बहू रंजना ने प्रेमी राजन शर्मा के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने रविवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राजन निर्मला के मकान में तीन साल से किराये पर रह कर टैक्सी चलाता था।
बिहार निवासी है हत्यारोपी
इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि हत्यारोपी राजन (22) मूलरूप से बिहार के सिवान जिले का रहने वाला है। वह यहां गाड़ी चलाता था। वह किराये का कमरा लेने के तीन-चार महीने बाद ही रंजना (35) से घुलमिल गया था। दोनों की फोन पर बातचीत होने लगी थी। वह परिवार के लोगों के नजदीक आ गया था। राजन और रंजना में करीबी संबंध हो गए थे। इसकी जानकारी निर्मला को हो गई थी। निर्मला इसका विरोध करती थीं। इस लिए रंजना का अक्सर पति त्रिदेश कुमार से झगड़ा होता था। आए दिन विवाद होता देखकर निर्मला को बुरा लगता था, इसलिए वह बेटे का पक्ष लेती थीं। इससे रंजना सास से नाराज रहती थी। घटना के तीन दिन पहले से निर्मला अपना खाना अलग बना रही थीं।
प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश
रंजना ने निर्मला की हत्या की साजिश तीन दिन पहले ही प्रेमी के साथ मिलकर रच ली थी। बहू ने राजन से सास को रास्ते से हटाने के लिए कहा था। शनिवार को त्रिदेश ड्यूटी पर दोपहर 1:45 बजे निकल गए। घर पर कोई और नहीं था। मौका पाकर दोनों आरोपियों ने निर्मला के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद साड़ी से गला कसकर उनकी हत्या कर दी। गुमराह करने के लिए अलमारी और घर का सामान बिखेर दिया। यही नहीं, निर्मला के सारे जेवर चोरी कर लिए और दूसरी जगह छिपा दिया।
त्रिदेश का बेटा आदित्य दोपहर ढाई बजे घर पहुंचा तो भीतर दादी मृत पड़ी थीं। आदित्य ने फौरन पिता को इसकी सूचना दी। थोड़ी देर बाद रंजना और राजन भी पहुंच गए। दोनों ने बताया कि काम से वे बाहर गए थे। घर वालों ने लूट के बाद हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने छानबीन की तो त्रिदेश के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। पड़ोसी के कैमरे में राजन और रंजना बाहर जाते दिखाई दिए, लेकिन उनके जाने के बाद कोई और नहीं आया था। संदेह होने पर पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों झूठ बोलते रहे। सख्ती करने पर आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया।
राजन के पास ठहरा खोजी कुत्ता
घटना के बाद जांच के लिए डाग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम पहुंची। छानबीन के दौरान खोजी कुत्ता कुछ दूरी पर खड़े राजन के पास जाकर रुक गया। राजन कुत्ते को अपने पास से भगाने लगा। पुलिस टीम को तभी राजन पर शक हो गया था। उसे हिरासत में ले लिया गया। रंजना की गतिविधियां भी संदिग्ध लग रही थीं, जिससे पुलिस को उस पर शक गहरा गया था।
