कानपुर।Murder for Property एक कहावत है सिनेमा समाज का दर्पण होता है, अगर सिनेमा देखकर समाज चलने लगे तो तबाही आनी तय है। क्योंकि सिनेमा वास्तविकता से दूर मनोरंजन के लिए बनाया जाता है। यहां नाटक, झूठ और अपराध को विषय वस्तु बनाई जाती है, जो कि केवल मनोरंजन के लिए होती है। कुछ ऐसा ही मामला यूपी के कानपुर शहर से सामने आया। यहां एक युवक ने क्राइम पेट्रोल और दृश्यम फिल्म देखकर संपत्ति के लालच में दोस्त के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी। और अपराध छिपाने के लिए दोस्त के साथ मिलकर शव को 80 किमी दूर औरैया ले जाकर जला दिया। साथ ही पहचान मिटाने का पूरा इंतजाम कर दिया, इसके बाद भी दोनों हैवान पकड़े गए। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा छह महीने बाद शुक्रवार को कर दिया। आरोपी बेटे रामजी तिवारी और दोस्त ऋषभ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
रेलवे से रिटायर हुए थे पिता
बेटे ने बताया पिता की पेंशन और संपत्ति के लालच में दृश्यम फिल्म देखकर हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। इसी तरह, क्राइम पेट्रोल देखकर दोस्त को मोबाइल लेकर बिहार भेज दिया जिससे लोकेशन बिहार की मिले। डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पुराना शिवली रोड कल्याणपुर निवासी कमलापति तिवारी (62) रेलवे में गार्ड के पद से बिहार से सेवानिवृत्त हुए थे। वह अकेले रहते थे। बड़ा बेटा रामजी तिवारी नारामऊ स्थित ससुराल और छोटा बेटा श्याम जी सनिगवां में रह रहे हैं। बेटी का विवाह हो चुका है।
वृंदावन और मथुरा की यात्रा से मृतक की पत्नी मधु मई 2025 में लौटीं, तो उन्हें बेटा रामजी और उसका परिवार कल्याणपुर पुराना शिवली रोड वाले घर में मिला। उन्होंने पति के बारे में पूछा तो रामजी ने बताया कि वह बिहार जाने की बात कहकर 15 मार्च को घर से निकले थे। अब उनका मोबाइल बंद आ रहा है। मधु ने रिश्तेदारों और अन्य जानकारों से पूछताछ की, लेकिन पति की कहीं जानकारी नहीं हुई।
ऐसे खोजा पुलिस ने
इसके बाद उन्होंने पति की तलाश के लिए 12 जून 2025 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनके मोबाइल की लोकेशन देखी, तो वह अप्रैल में बिहार के मधुबनी जिले के जयनगर क्षेत्र की निकली। वहां की पुलिस को फोटो भेजकर जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने आसपास के जिलों में लावारिस शवों की जानकारी कराई, जिसमें औरैया जिले में 18 मार्च 2025 को एक जला हुआ शव मिलने की बात सामने आई। उस शव का फोटो मधु को दिखाया गया, तो उन्होंने पति का शव होने की पुष्टि की।
पूछताछ में टूटा हत्यारोपी
शव मिलने के बाद पुलिस का शक बेटे पर गया। पुराना शिवली रोड स्थित घर के आसपास के पड़ोसियाें ने बताया कि पिता के लापता होने के बाद से बेटा परिवार के साथ यहां रह रहा है। इस पर पुलिस ने घर की तलाशी ली। वहां कमलापति तिवारी का मोबाइल मिल गया। उन्होंने रामजी तिवारी और उसके माधवपुरम आईआईटी सोसाइटी निवासी दोस्त ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों अपना अपराध कबूल कर लिया।
अंडरवियर छोड़कर सारे कपड़े उतार दिए
पुलिस ने बताया आरोपियों ने साजिश रचकर हत्या की गई थी। 17 मार्च 2025 को कमलापति तिवारी घर में अकेले थे। इस बीच रामजी तिवारी और ऋषभ शुक्ला ने आकर उनकी हत्या कर दी। शव अन्य दोस्त की कार में डालकर औरैया के बेला में नहर किनारे ले जाकर जला दिया। रामजी तिवारी ने पहचान न हो उसके लिए अंडरवियर छोड़कर पिता के सारे कपड़े उतार दिए। उनके चेहरे पर पेट्रोल वाली पॉलिथीन बांध दी जबकि शरीर में पेट्रोल छिड़कर कर आग लगा दी। आग लगाते ही तेज रोशनी हुई दोनों पकड़े जाने के डर से भाग निकले।
18 मार्च को बेला पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी ने बताया उसकी नजर पिता की पेंशन और शिवली रोड पर स्थित आठ दुकानों से आ रहे किराये पर थी। उसने बताया कि पिता हमेशा नशे में धुत रहते थे। उनकी इसी आदत की वजह से छोटा भाई सनिगवां में रह रहा है। वह शिक्षक है। मां अधिकतर समय धार्मिक यात्रा में रहती हैं। पिता कल्याणपुर शिवली रोड वाले घर में किसी को नहीं रखते थे। उनको समझाने की कई बार कोशिश की, लेकिन वह माने नहीं, इसलिए मार डाला।
