‘हैप्पीनेस सर्वे’ में खुलासा हुआ कि 70 प्रतिशत माता-पिता घर की सुरक्षा को सबसे बड़ी चिंता मानते हैं

बिजनेस डेस्क। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अंग गोदरेज एंड बॉयस के सुरक्षा समाधान व्यवसाय द्वारा किए गए ‘हैप्पीनेस सर्वे’ में पता चला कि 70 प्रतिशत माता-पिता को अपने बच्चों को घर पर छोड़ते समय सुरक्षा को लेकर बेहद चिंता रहती है, जबकि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति और भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर चिंता का स्तर 57 प्रतिशत और 44 प्रतिशत रहा। इस साल बाल दिवस के मौके पर ब्रांड, बेहतर घरेलू सुरक्षा और मन की शांति के बीच महत्वपूर्ण संबंध को रेखांकित कर रहा है, जो परिवार को खुशहाल बनाता है। सर्वेक्षण के निष्कर्षों से पता चलता है कि माता-पिता का काम और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने से जुड़े तनाव को कम करने के लिए आधुनिक और सुविधाजनक सुरक्षा समाधानों पर भरोसा तेज़ी से बढ़ रहा है।

होम कैमरे का उपयोग

होम कैमरा आत्मविश्वास पैदा करने वाले शीर्ष उपाय के रूप में उभरा है, जिसे 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने चुना, जबकि रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी अन्य टेक्नोलॉजी विश्वास और आश्वस्त रहने का ज़रिया बन रही हैं। इस तरह की जानकारियां एक बदलाव की ओर इशारा करती हैं जहां घर की सुरक्षा सिर्फ शारीरिक सुरक्षा से कहीं आगे बढ़कर भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य का अभिन्न अंग बन गई है।

गोदरेज एंड बॉयस के सुरक्षा समाधान व्यवसाय के ईवीपी और बिज़नेस हेड, श्री पुष्कर गोखले ने इन निष्कर्षों के बारे में कहा, “गोदरेज में हमारा मानना है कि सुरक्षित घर सिर्फ भौतिक संपत्ति ही नहीं है, बल्कि इस पर बहुत हद तक परिवार की खुशी और मन की शांति निर्भर है। हमारा ‘हैप्पीनेस सर्वे’ इस बात पर रोशनी डालता है कि 70 प्रतिशत माता-पिता घर की सुरक्षा को शीर्ष चिंता मानते हैं, जो सीधे तौर पर मन की शांति से जुड़ता है और सुरक्षा उनकी ज़िन्दगी को सुखी बनाती है।

घर में सहजता से फिट

इस बाल दिवस पर, हम माता-पिता को आधुनिक घर में सहजता से फिट होने के साथ-साथ मज़बूत सुरक्षा के लिए तैयार उन्नत सुरक्षा समाधानों के लाभों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सर्वेक्षण इस बात पर ज़ोर देता है कि घर की सुरक्षा में निवेश करने का मतलब सिर्फ संपत्ति की सुरक्षा से नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश भी है जहां परिवार बिना किसी चिंता के रह सकें। सुरक्षा के प्रति गोदरेज की प्रतिबद्धता के साथ, माता-पिता उस चीज़ पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो वास्तव में मायने रखती है और वह है अपने बच्चों और प्रियजनों के साथ खुशनुमा पल बिताना।”

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