नई दिल्ली।Prime Minister Narendra Modi दीपावली के अवसर पर देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा नक्सलियों के खात्मे का जश्न सेना के जवानों के साथ मनाया। वह रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ रोशनी का त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश से नक्सलवाद का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों को खत्म किया गया है, लेकिन अब कुछ लोग संगठनों और राजनीतिक दलों में घुसकर संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों को ‘दिमागी नक्सली’ बताया। उन्होंने कहा कि इनकी पहचान कर इन्हें हराना और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
पिछली सरकारों को घेरा
Prime Minister Narendra Modi ने पिछली सरकारों पर नक्सल विरोधी अभियान में लगे सुरक्षा बलों को खुलकर कार्रवाई करने की छूट नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले जवानों के हाथ बांधकर रखे जाते थे। नक्सली हमले होते थे, लेकिन सुरक्षा बलों को खुलकर जवाब देने की आजादी नहीं थी। उनकी सरकार ने जवानों को जरूरी फैसले लेने की छूट दी। इसके साथ ही वामपंथी उग्रवाद को व्यवस्था के भीतर से मिलने वाली मदद रोकने के लिए भी काम किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने संवेदनशीलता के साथ माओवादी आतंकवाद की कमर तोड़ी और नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी बदलने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, नक्सलवाद से परेशान रहे लोगों ने भी सरकार और सुरक्षा बलों का साथ दिया। उन्होंने इस लड़ाई में योगदान देने वाले लोगों का आभार जताया।
बस्तर में जवानों के साथ कैसे मनाई दिवाली?
Prime Minister Narendra Modi दिवाली के मौके पर सुरक्षा बलों के जवानों के बीच पहुंचते हैं। इस बार उन्होंने बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात जवानों के साथ त्योहार मनाया। वह करनपुर स्थित कोबरा ऑपरेशन बेस पहुंचे। यह कैंप अबूझमाड़ और बस्तर के अंदरूनी इलाकों में अभियान चलाने का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां प्रधानमंत्री ने सीआरपीएफ के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जवानों ने पारंपरिक आदिवासी गीतों पर नृत्य किया। भारत माता की जय के नारों के बीच प्रधानमंत्री ने उनके साथ दिवाली की खुशियां साझा कीं।
पहली बार देश नक्सलमुक्त मना रहा दिवाली: शाह
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पांच दशक में यह पहली दिवाली है जब पूरा देश नक्सलवाद (वामपंथी उग्रवाद) के साये से पूरी तरह मुक्त होकर इस पर्व को मना रहा है। Prime Minister Narendra Modi के छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित सुदूर जंगलों में तैनात सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने के कार्यक्रम का स्वागत करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह अवसर भारतीय जवानों के उस अदम्य साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को नमन करने का है, जिन्होंने अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय सुरक्षा बलों की अनवरत कार्रवाई और केंद्र सरकार की दृढ़ नीति को दिया, जिसकी बदौलत लाल गलियारे के रूप में पहचाने जाने वाले इलाकों में शांति और विकास का नया उजाला फैला है।
जयराम रमेश ने मोदी के बयान पर क्या आपत्ति जताई?
प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिवाली जैसे मौके पर भी राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर एक गैर-राजनीतिक और गंभीर मौके का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करने के लिए किया। उन्होंने इसे संस्थागत मर्यादाओं पर हमला बताया। कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री के पुराने बयानों का भी जिक्र किया।
