बिजनेस डेस्क, हैदराबाद : एमजेन (NASDAQ:AMGN) ने आज हैदराबाद की जीनोम वैली में नया साइंस एंड इनोवेशन सेंटर खोलने की अपनी योजना की घोषणा की। यह सेंटर एमजेन के वैश्विक शोध एवं विकास (आरएंडडी) नेटवर्क का हिस्सा होगा। इस नेटवर्क में सात शोध प्रयोगशालाएं हैं। नए सेंटर के खुलने से कंपनी की शोध एवं वैज्ञानिकों क्षमताओं में विस्तार होगा।
यह नया सेंटर बायोलॉजी एवं टेक्नोलॉजी के मामले में सर्वश्रेष्ठ तकनीकों का लाभ लेते हुए दुनिया की सबसे जटिल बीमारियों से लड़ने की दिशा में एमजेन के सतत प्रयासों का प्रमाण है। उन्नत वैज्ञानिक क्षमताओं (एडवांस्ड साइंटिफिक कैपेबिलिटीज) को डाटा और डिजिटल इनोवेशन के साथ इंटीग्रेट करते हुए कंपनी का लक्ष्य दुनियाभर के मरीजों के लिए नई दवाओं की खोज एवं उनके विकास को गति देना है।
वैश्विक शोध क्षमताओं में सहयोग
Amgen के एमडी एवं एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड डाटा, जे ब्रैडनर ने कहा, ‘जीनोम वैली में यह नया सेंटर हमारी वैश्विक शोध क्षमताओं में एक्सपेरिमेंटल साइंस को डाटा एवं टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के हमारे तरीके का विस्तार है। साथ ही यह अमेरिका में मौजूद हमारे मजबूत रिसर्च एंड डेवलपमेंट नेटवर्क को और मजूबती देने वाला है। इन क्षमताओं को आपस में जोड़ते हुए हम तेजी से सीख सकते हैं और फिर उन जानकारियों का इस्तेमाल मरीजों के लिए नई दवाओं के विकास में कर सकते हैं।’
तेलंगाना सरकार के माननीय सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशंस, उद्योग एवं वाणिज्य और विधायी मामलों के मंत्री श्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा, ‘फार्मास्युटिकल्स एवं वैक्सीन के मामले में उन्नत क्षमताओं के साथ हैदराबाद ने ऐसा लाइफ साइंसेज इकोसिस्टम बनाया है, जो दुनिया के सबसे मजबूत इकोसिस्टम में से है। अब अगला चरण इस ताकत को डिस्कवरी एवं इनोवेशन की ओर ले जाने का है। जीनोम वैली में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर खोलने का एमजेन का फैसला हाई-वैल्यू रिसर्च के लिए ग्लोबल हब के तौर पर हैदराबाद की बढ़ती भूमिका को दिखाता है, जहां वैज्ञानिक प्रतिभाओं, टेक्नोलॉजी एवं उद्योग को बड़े पैमाने पर साथ लाया गया है। हमारा लक्ष्य हैदराबाद को ऐसी जगह बनाना है, जहां अगली पीढ़ी की दवाओं एवं थेरेपी की खोज हो सके, उन्हें विकसित किया जा सके और दुनिया के सामने उन्हें पेश किया जा सके।’
वैज्ञानिक एवं टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ साथ आएंगे
इस सेंटर के 2027 तक परिचालन में आने की उम्मीद है। यहां डिस्कवरी केमिस्ट्री, ड्रग मेटाबॉलिज्म एंड फार्माकोकाइनेटिक्स एवं प्रिसीजन मेडिसिन के क्षेत्रों में काम करने वाले वैज्ञानिक एवं टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ साथ आएंगे और दुनियाभर में संचालित एमजेन के शोध केंद्रों के साथ मिलकर काम करेंगे। यह कदम दवाओं की खोज एवं उनके विकास की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। इससे प्रक्रिया की तेजी, सटीकता एवं दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।एमजेन के ग्लोबल बिजनेस सॉल्युशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं नेशनल एक्जीक्यूटिव सोम चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘यह नया सेंटर वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ाने की एमजेन की प्रतिबद्धता दिखाता है। भारत हमारे ग्लोबल आरएंडडी नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। हैदराबाद सेंटर के माध्यम से एमजेन की वैश्विक शोध क्षमताओं को बढ़ाते हुए हम सार्थक वैज्ञानिक गठजोड़ को सक्षम बना रहे हैं। आगे हमें स्थानीय इनोवेशन इकोसिस्टम से जुड़ने की भी उम्मीद है।’
साइंसेज इकोसिस्टम और एसटीईएम
जीनोम वैली में मजबूत वैज्ञानिक विशेषज्ञता (साइंटिफिक एक्सपर्टीज) और इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है तथा नए सेंटर से हैदराबाद में एमजेन की मौजूदा टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन साइट को मजबूती मिलेगी। साथ मिलकर इन केंद्रों से वेट-लैबोरेटरी साइंस को इनोवेटिव टेक्नोलॉजी के साथ इंटीग्रेट करने में मदद मिलेगी और दवाएं विकसित करने का कंपनी का तरीका बेहतर होगा।एमजेन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नवीन गुलापल्ली ने कहा, ‘हैदराबाद के मजबूत लाइफ साइंसेज इकोसिस्टम और एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) के मामले में विशेषज्ञता से हमें बड़े पैमाने पर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को अपनाने का मौका मिलेगा। जीनोम वैली में हमारे नए सेंटर से बायोटेक्नोलॉजी एवं डिजिटल इनोवेशन को इंटीग्रेट करने में मदद मिलेगी, जिससे हम दुनियाभर में ज्यादा से ज्यादा मरीजों को सर्विस देने में सक्षम होंगे।’
