Mahoba। यूपी के महोबा से एक दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई यहां प्यार में असफल प्रेमी जोड़े एक साथ पेड़ की डाल पर फंदा डालकर झूल गए, इस तरह उनकी इस जहां में मिलने की हसरत भले ही पूरी नहीं हो सकी, लेकिन उस जहां में खुले आसमान में उड़ने का सपना जरूर पूरा हो गया। एक साथ दोनों की मौत से उनके घरों में कोहराम मचा हुआ है। सबुआ गांव निवासी उपेंद्र गांव में ही रहता था और आरा मशीन पर काम करके रोजी-रोटी कमा रहा था। उसका चरखारी निवासी युवती से प्रेम हो गया। युवती कक्षा पांच तक पढ़ी थी। युवती के चाचा अनिल ने बताया कि वह शाम करीब सात बजे से बिना बताए घर से गायब थी। वहीं उपेंद्र भी रात करीब आठ बजे अपनी बाइक घर में खड़ी करने के बाद बिना बताए चला गया था। रात में दोनों के परिजन ने उनकी खोजबीन की, लेकिन सुराग नहीं लगा।
किसी को नहीं चला पता
परिजन ने बताया कि बेटी के प्रेम-प्रसंग के बारे में जरा भी पता नहीं चला। अगर बेटी ने घर से कदम निकाल ही लिए थे, तो खुदकुशी करने की क्या जरूरत थी। वह युवक के साथ जाकर कहीं घर ही बसा लेती। उपेंद्र के दोस्तों को भी इस बात की कसक थी कि उसने अपनी समस्या के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। वरना कोई न कोई हल जरूर निकल आता। जान देने की जरूरत नहीं थी।कोतवाली चरखारी के सबुआ गांव में शादी के लिए परिजन के राजी न होने पर आहत प्रेमी युगल ने फंदा लगाकर जान दे दी। बृहस्पतिवार की सुबह दोनों के शव गांव के बाहर आम के पेड़ पर दुपट्टे के फंदे से लटकते मिले। पुलिस को घटनास्थल से युवक का मोबाइल, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक की बोतल मिली है।
शादी नहीं कर पा रहे थे दोनों
सबुआ निवासी उपेंद्र विश्वकर्मा (24) आरा मशीन में काम करता था। उसका कस्बा चरखारी निवासी आरती कुशवाहा (20) से करीब दो वर्ष से प्रेम-प्रसंग था। दोनों गैर बिरादरी के होने के चलते शादी नहीं कर पा रहे थे। परिजन के तैयार न होने पर बुधवार की रात करीब आठ बजे दोनों घर से निकले थे। बृहस्पतिवार की सुबह ग्रामीण जब खेत से गुजरे तो दोनों के शव देख पुलिस को सूचना दी। युवती की मांग भरी होने पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले युवक ने प्रेमिका की मांग भरी। दोनों ने आत्महत्या से पहले एक-दूसरे को हमसफर चुना और बाद में मौत को गले लगा लिया।
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