लखनऊ । राजधानी के सरोसा-भरोसा स्थित डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में मल्टी डिसिप्लीनरी कोर्स (एमडीसी) अनिवार्य कर दिया है। अब विद्यार्थी ज्योतिष से डिजिटल मार्केटिंग तक पढ़ सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रवक्ता प्रोफेसर यशवंत वीरोदय ने बताया कि कुलपति आचार्य संजय सिंह ने सभी विभागों को चार-चार एमडीसी कोर्स संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें अन्य विभागों के विद्यार्थी भी चुन सकेंगे।
बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा
विद्या परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र 2026-27 से सभी विभाग एमडीसी और माइनर कोर्स उपलब्ध कराएंगे।स्नातक के पहले, दूसरे और तीसरे सेमेस्टर में एमडीसी अनिवार्य होगा। प्रत्येक कोर्स तीन क्रेडिट का होगा। इस तरह विद्यार्थियों को एमडीसी से कुल नौ क्रेडिट मिलेंगे। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को मुख्य विषय के साथ अन्य विषय पढ़ने का मौका मिलेगा।
हिन्दी विभाग देगा पत्रकारिता का प्रशिक्षण
हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग अन्य संकायों के लिए पत्रकारिता प्रशिक्षण, ई-लेखन, प्रयोजनमूलक हिन्दी तथा हिन्दी के बहुआयामी प्रयोग जैसे कोर्स चलाएगा। संस्कृत विभाग में ‘ज्योतिष शास्त्र: एक परिचय’ पढ़ाया जाएगा। अर्थशास्त्र विभाग ‘उत्तर प्रदेश इकोनॉमी: एन इंजन ऑफ ग्रोथ’, ‘नेशनल सिक्योरिटी एंड डिफेंस’ और ‘ग्लोबलाइजेशन’ पढ़ाएगा।
अन्य विभागों में भीं एमडीसी कोर्स चलाए जाएंगे
वाणिज्य विभाग डिजिटल मार्केटिंग, अकाउंटिंग एवं टैक्सेशन के कोर्स संचालित करेगा। राजनीति शास्त्र विभाग में ‘अवेयरनेस ऑफ राइट्स एंड लॉ’ और ‘पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन इन एंशिएंट इंडिया’ जैसे विषय होंगे। वहीं अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के एप्लाइड साइंस, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस के अलावा समाजशास्त्र, अंग्रेजी, बौद्धिक अक्षमता तथा ललित कला विभाग में भी एमडीसी कोर्स चलाए जाएंगे।
इसे भी पढ़ें..
