अयोध्या। ShriRamTemple करोड़ों हिन्दुओं के आस्था के केंद्र प्रभु श्रीराम के पावन धाम से आस्था पर डाका डालने के मामले में एसआईटी की जांच में रोज नए मामले सामने आ रहे है। श्रीराम मंदिर की दान की राशि के गबन मामले में चर्चा में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू मंगलवार को कैमरे के सामने आए। अपनी सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि दान के राशि की गिनती की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की थी, इसके अलावा दीनानाथ वर्मा, प्रकाश गुप्ता और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। एक चाबी ट्रस्ट के पास रहती थी और दूसरी बैंक कर्मियों के पास। दोनों चाबियों की मदद से ताला खोला जाता था। उसके बाद गिनती शुरू होती थी। टिन्नू खुद सवालों के घेरे में तो हैं ही अब इन सभी पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसआईटी इन सभी से पूछताछ करेगी। सूत्रों के मुताबिक जो इंचार्ज हैं, उनसे पूछताछ हो भी रही है। टिन्नू ने कहा कि कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं।
50 करोड़ की संपत्ति की बात में सच नहीं
श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी और दानराशि चोरी के मामले में चर्चाओं के केंद्र में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी संपत्ति को लेकर किया जा रहा प्रचार पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने 1988 में ओटीसी किया और 1993 में विश्व हिंदू परिषद से जुड़कर राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके अनुसार जिस जमीन और मकान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह जमीन उन्होंने वर्ष 2008 में खरीदी थी तथा 2015 में उस पर मकान का निर्माण कराया था। उन्होंने कहा कि संगठन से मिलने वाले मानदेय और अपने ऑटोमोबाइल व्यवसाय की आय से यह संपत्ति बनाई गई। बाद में राम मंदिर निर्माण के दौरान एलएंडटी की टीम को मकान किराए पर दिया गया, जिससे आय होती रही। टिन्नू ने 50 करोड़ रुपये की संपत्ति होने के दावों को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि सच का फैसला भगवान श्रीराम करेंगे।
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