बरेली। Tibrinath Temple यूपी के बरेली शहर में शिव भक्तों के बड़े आस्था के केंद्र सैकड़ों वर्ष पुराने शिव मंदिर को बरेली नगर निगम नीलाम करने जा रहा है। जैसे ही यह सूचना शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वैसे ही शिव भक्तों में हड़कंप मच गया। हिंदू संगठनों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए नगर निगम को आगे आकर सफाई देनी पड़ी।
बकायेदारों का नाम किया था सार्वजनिक
दरअसल नगर निगम के कर विभाग ने 4 जोन में 400 बड़े करायेदारों की सूची सार्वजनिक की। जिसमें एक लाख रुपये अधिक के बकायेदार शामिल थे। कर विभाग ने प्रेमनगर स्थित त्रिवटी नाथ मंदिर पर 1.76 लाख रुपये बकाया, जबकि टिबरीनाथ संपत्ति पर 1.82 लाख रुपये बकाया बताया। मंदिर से मामला जुड़ा होने के चलते कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर छा गया। मंदिर की नीलामी की सूचना पर हिंदू संगठनों ने भी नाराजगी जताई। इसी तरह विदेश मंत्रालय पर 1.73 लाख रुपये, हरि मस्जिद पर 1.15 लाख रुपये बकाया निकले। लोगों की नाराजगी के बाद शाम को नगर निगम की ओर से मामले को स्पष्ट करते हुए पूरी बात बताई। मुख्यकर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि मंदिर को नीलाम करने की बात गलत तरीके फैलाई जा रही है।
कर विभाग की ओर से केवल मंदिर की संपत्ति पर चलने वाली दुकानों को नोटिस जारी किया गया था। मंदिर से इसका कोई मतलब नहीं है। वहीं विदेश मंत्रालय की जगह पासपोर्ट ऑफिस पर रकम बकाया है। वहीं त्रिवटीनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में बाहर बनी दुकानों से आने वाले किराये को मंदिर के हित में लगाई जाता है। निगम से अगर दुकानों पर कर लगाया है तो वह गलत है।
