कानपुर: Murder of husband यूपी के कानपुर में एक महिला ने भांजे के प्यार में इस कदर पागल हो गई उसने भांजे के साथ मिलकर पहले उसे मार डाला इसके बाद खेत में गाड़ डाला, इसके बाद शव को गलाने के नमक डाल दिया। इसके बाद भी दोनों पुलिस के लंबे हाथ ने नहीं बच सके। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भे दिया गया। कानपुर के सचेंडी में 10 माह पहले लक्ष्मी ने भांजे के साथ मिलकर पति शिववीर (45) की हत्या कर दी और शव घर के पीछे खेत में गाड़ दिया। कुछ समय बाद कुत्तों ने अस्थियां बाहर निकाल दीं, तो हड्डियों को बोरे में भरकर पनकी नहर में फेंक दिया। पुलिस ने शनिवार को सास सावित्री देवी की तहरीर पर दोनों के खिलाफ हत्या के लिए अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया।
सास से बोली गुजरात गए
रविवार को फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य बरामद करेगी। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि सचेंडी के लालूपुर गांव निवासी सावित्री देवी ने सचेंडी थाने में बेटे शिववीर के लापता होने की शिकायत छह मई 2025 को दर्ज कराई थी। सावित्री देवी ने बताया था कि 30 अक्तूबर 2024 को गृह जनपद बांदा गई थींं। 5 सितंबर को वापस आईं तो उन्हें बहू लक्ष्मी ने बताया कि शिववीर के पास किसी का फोन आया था, जिस पर वह नौकरी के चक्कर में गुजरात चले गए।
काफी दिन तक बेटे की कोई जानकारी नहीं मिलने पर बहू से पूछताछ की ताे हर बार अलग-अलग बात बताई। सावित्री देवी ने बहू और नाती अमित के प्रेम संबंध की बात बताते हुए शिकायत की थी। जब अमित और लक्ष्मी के प्रेम संबंध के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ की गई, तो उन लोगों ने इस बात को स्वीकार किया। इस पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की,तो अमित ने घटना कबूल कर ली।
साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश
अमित ने पूछताछ में बताया कि नानी सावित्री के बांदा जाने के बाद 2 नवंबर को लक्ष्मी ने शिववीर को चाय में नशे की गोली मिलाकर पिला दी थी। शिववीर के सो जाने पर उसने सिर पर रॉड मारकर हत्या कर दी। शव को घर के पीछे खेत में दफना दिया था। शव को गलाने के लिए नमक भी डाला था। कुछ समय बाद कुत्तों ने हडि्डयां बाहर निकाल दीं।इस पर हड्डियों को बोरी में भरकर 700 मीटर दूर पनकी नहर में फेंक दिया था। सचेंडी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट के मुताबिक लक्ष्मी की उम्र 40 साल और अमित की 25 वर्ष है। हत्या के दाैरान शोर होने पर उसकी 13 साल की बेटी और आठ साल का बेटा जाग गए थे। लक्ष्मी ने दोनों को समझाकर शांत करा दिया। 15 वर्षीय बड़ा बेटा घर में नहीं था। अमित हाथ से दिव्यांग है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गुमशुदगी को हत्या में तरमीम किया जाएगा। दोनों को घटनास्थल पर ले जाया गया था, जहां पर फॉरेंसिक टीम भी गई थी। अस्थियाें को निकलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
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