19 अगस्त 2025, लखनऊ । प्रजा फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश अर्बन गवर्नेंस कंसल्टेशन 2025 का आयोजन नगर निकाय निदेशालय (लखनऊ) में किया। इस परामर्श बैठक में जनप्रतिनिधियों, नगर निकाय अधिकारियों, शहरी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया। परामर्श के दौरान तीन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई – शहरी शासन की स्थिति, नगर सरकारों का वित्तीय सशक्तिकरण औरशहरी विकास हेतु स्थानिक योजना ।
प्रजा की लंबे समय से की जा रही प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, प्रजा फाउंडेशन के सीईओ मिलिंद म्हास्के ने कहा, “पिछले 26 वर्षों से प्रजा फाउंडेशन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर प्रशासन को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश में, हम पिछले तीन वर्षों से नगर निगमों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाएं, प्रक्रिया नियमों को मजबूत करने और नगरपालिका वित्त को सुदृढ़ करने पर काम कर रहे हैं।”
प्रजा फाउंडेशन की प्रोग्राम निदेशक प्रियंका शर्मा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में हमारे प्रयास पार्षद प्रशिक्षण को संस्थागत बनाने और शासन संरचनाओं को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। पार्षद कार्यशालाओं को उत्तर प्रदेश राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के पाठ्यक्रम में सम्मिलित करना इन पहलों की दीर्घकालिक स्थिरता और विस्तार सुनिश्चित करेगा।”
गोरखपुर नगर निगम के महापौर मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “इस प्रकार की खुली चर्चाएँ निर्वाचित प्रतिनिधियों, प्रशासकीय अधिकारियों और नागरिक समाज संगठनों के विविध दृष्टिकोणों को एक साथ लाती हैं, जो शासन प्रणाली में सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।”
उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग (यूडीडी) के विशेष सचिव अरुण प्रकाश ने कहा, “राज्य ने कई पहलें की हैं, जैसे नगरपालिका कैडर का पुनर्गठन और राज्य योजनाओं के माध्यम से नगरीय निकायों को सहयोग प्रदान करना हैं । हमारे नगरीय निकायों को मजबूत करना समय की आवश्यकता है और हम इस प्रक्रिया में प्रजा के महत्त्वपूर्ण सहयोग की सराहना करते हैं।”
वर्ष 2023 में, प्रजा ने उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे ताकि शहरी शासन सुधारों को आगे बढ़ाया जा सके। प्रजा फाउंडेशन के प्रबंधक अविरल दुबे ने बताया, “हमारा सहयोग प्रक्रिया नियमों, वित्तीय सशक्तिकरण और पार्षद प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर शोध और परामर्श सहायता प्रदान करता है। नगर सरकारों को सशक्त बनाना आवश्यक है ताकि वे बेहतर सेवाएँ प्रदान कर सकें और उत्तर प्रदेश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकें।”
