पीलीभीत। PoliceEncounter : यूपी के पीलीभीत जिले में कपड़ा व्यापारी की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या करने का एक लाख का इनामी शूटर शनिवार देर रात पुलिस की गोली से मारा गया। इस कार्रवाई में एक दरोगा और सिपाही भी घायल हुए है। बता दें कि हत्यारोपी लखीमपुर खीरी के उचौलिया थाना क्षेत्र निवासी सरबजीत एक महीने से पुलिस को छका रहा था। उसकी तलाश में पीलीभीत पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
बिलसंडा क्षेत्र में हुई मुठभेड़
शनिवार देर रात बिलसंडा थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव के पास पुलिस से उसका सामना हो गया,दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां, चली आखिरकार में हत्यारोपी पुलिस की गोली का शिकार हुआ। घायल अवस्था में पुलिस उसे अस्पताल लेकर जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मुठभेड़ के दौरान बिलसंडा थानाध्यक्ष जगदीप मलिक की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली जा धंसी, जबकि एसओजी के एक दरोगा और सिपाही गोली लगने से घायल हो गए। एसपी सुकीर्ति माधव ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी को डॉक्टर ने अस्पताल में मृत्यु घोषित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली था कि पप्पू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह अपने एक साथी के साथ शीतलपुर गांव के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही बिलसंडा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग करने लगा। पुलिस टीम नेआत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान चली गोली सरबजीत सिंह के सीने में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तत्काल कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिनदहाड़े की थी व्यापारी की हत्या
28 मई को बिलसंडा कस्बे में व्यापारी पंकज कटियार को धमकाने के उद्देश्य से किराए के शूटर बुलाए गए थे। दुकान के बाहर विवाद के दौरान पड़ोसी व्यापारी पप्पू गुप्ता बीच-बचाव करने पहुंचे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। गंभीर रूप से घायल पप्पू गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई थी। थाने से कुछ ही दूरी पर हुई इस वारदात के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। बाद में तत्कालीन बिलसंडा थानाध्यक्ष सिद्धांत शर्मा को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। पुलिस इस हत्याकांड में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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