नई दिल्ली। AntiWomenOpposition महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल विपक्ष की घटिया मानसिकता की वजह से पास नहीं हो सका,क्योंकि विपक्ष महिलाओं को अधिकार न देकर केवल वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल करना चाहता हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार इस विधेयक को दो-तिहाई सदस्यों का सर्मथन नहीं मिला, इसलिए पारित नहीं हो सका। इस विधेयक पर कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया, जिसमें 298 सांसदों ने इसके समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में वोट डाला। वोटिंग से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया।
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर व्यापक चर्चा के बाद अब इस महत्वपूर्ण बिल पर वोटिंग हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने किया प्रहार
चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और स्पष्ट किया कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में एससी-एसटी (SC-ST) समुदाय की सीटें बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं। साथ ही, धर्म के आधार पर आरक्षण की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए शाह ने दक्षिणी और छोटे राज्यों को परिसीमन के बाद भी उनके उचित प्रतिनिधित्व का पूर्ण आश्वासन दिया है। वोटिंग से ठीक पहले गृह मंत्री के इस कड़े रुख ने इस विधेयक के ऐतिहासिक महत्व और राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।
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