नई दिल्ली:ReliefFromExpensiveGas ईरान,इजराइल और अमेरिका के मध्य चल रहे युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में उछाल आया है। इस समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाली कंपनी EESL ने अपने ‘नेशनल इलेक्ट्रिक कुकिंग प्रोग्राम’ (NECP) को रफ्तार दे दी है। बाजार में इलेक्ट्रिक चूल्हों की बढ़ती मांग को देखते हुए EESL ने पहले चरण में 1 लाख इंडक्शन चूल्हों के लिए निविदा (Tender) जारी की है। इसके बाद दूसरे चरण में 4 लाख और चूल्हे खरीदे जाएंगे। इतना ही नहीं, सरकार इंडक्शन पर चलने वाले खास बर्तनों के लिए भी अलग से टेंडर जारी कर रही है ताकि ग्राहकों को पूरा सेट किफायती दामों पर मिल सके।
एलपीजी पर निर्भरता होगी कम
बता दें कि जिस तरह सरकार ने उजाला और ग्राम उजाला योजना के जरिए मात्र 10 रुपये में LED बल्ब घर-घर पहुंचाए थे, ठीक उसी तर्ज पर अब इलेक्ट्रिक कुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि कार्बन उत्सर्जन कम हो और आयातित गैस (LPG) पर देश की निर्भरता घटे। गैस सप्लाई बाधित होने से खुले बाजार में इंडक्शन चूल्हों के दाम अचानक बढ़ गए हैं। सरकार इन कीमतों को स्थिर रखने के लिए खुद मैदान में उतरी है। बिजली से खाना पकाना गैस की तुलना में सुरक्षित और भविष्य के लिहाज से सस्ता विकल्प माना जा रहा है। यह पहल भारत सरकार के गो-इलेक्ट्रिक अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसकी शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी। इसके जरिए सरकार मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को महंगे रसोई गैस सिलेंडर का एक मजबूत और आधुनिक विकल्प देना चाहती है।
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