
11 सितम्बर 2025, लखनऊ। वसुंधरा फाउंडेशन द्वारा लखनऊ पुस्तक मेला मे ” गांधी -बोस -भगत -विवेकानंद” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार आनंदवर्धन सिंह ने गांधी- बोस -भगत -विवेकानंद के विचारों को एक साथ सामने लाने के लिए वसुन्धरा फाउंडेशन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों ने अपनी सुख सुविधाओं से संपन्न जीवन को त्याग कर देश सेवा का मार्ग चुना और अपना सम्पूर्ण जीवन इसी मे समर्पित कर दिया। वरिष्ठ साहित्यकार श्री अखिलेश श्रीवास्तव चमन ने कहा कि वसुंधरा फाउंडेशन की समन्वय की पहल प्रशंसनीय है। प्रसिद्ध व्यंग्यकार पंकज प्रसून ने अपने संक्षिप्त संबोधन मे बच्चों को इन महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए कहा।
पद्मश्री डाॅ विद्या बिंदु सिंह ने अपनी अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि यह चारों महापुरुष आज की पीढ़ी के लिए एसे मजबूत स्तंभ है जिनका अनुकरण करके हम अपने जीवन में निरन्तर उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सकते है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों को समग्र रूप से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने वसुंधरा फाउंडेशन द्वारा कई वर्षों से लगातार सभी अतिथियों को हाथ से काते सूत की माला पहनाने की पहल की भूरि भूरि प्रशंसा की।

इंडियन बैंक के सहायक महाप्रबंधक संजय सरीन ने बच्चों को पुरस्कार वितरण करके प्रेरित किया। संस्था की सचिव श्रीमती मीनू श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि निबंध प्रतियोगिता मे विजेता लखनऊ के जीजीआईसी गोमती नगर,जीजीआईसी जियामऊ, जीजीआईसी नरही एवं रामस्वरूप विद्यालय बाराबंकी के बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
अंत मे धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए संयोजक राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि गांधी कि उन्नीसवीं सदी ऐसी महत्वपूर्ण थी जिसमें भारत के अनेक महापुरुषों ने या तो जन्म लिया या कार्य किया यथा स्वामी विवेकानंद, गुरुदेव टैगोर, गांधी, सुभाष, मुंशी प्रेमचन्द्र भगत सिंह, सरदार पटेल नेहरू जैसे संघर्षशील लोग।वास्तव में गांधी वह गंगोत्री है जिससे स्वतंत्रता संग्राम की अनेक धाराये निकली और बहुत से नेता उसमें से निकले।स्वाधीनता संग्राम, सत्याग्रह, सत्य,अहिंसा आदि की अनेक धाराएं निकली जिन्होंने तमाम विचारों को मानने वाली को पोषित और पल्लवित किया । इन लोगों ने हमारे राष्ट्र निर्माण में महती भूमिका निभाई जिससे हम सब प्रेरित होते रहते हैं।
कार्यक्रम मे उमेश कुमार सिंह,मुकेश श्रीवास्तव, अवधेश शुक्ला, रामस्वरूप यादव, ब्रजेश शुक्ला आलोक सिन्हा ,रविन्द्र गांधी, रामनारायण, बी.एन राव, हरिहर सिंह, विनोद कुमार दीक्षित,रूबी कंचन, प्रतीक तिवारी, राकेश जेटली, वीरेंद्र त्रिपाठी,परवेज मलिकजादा आदि उपस्थित रहे।
