अमेरिका में हुए भीषण विमान हादसे में 67 की मौत, हादसे की वजह आई सामने

Plane crash, #67 dead

अधिकारियों ने बताया कि हादसा बुधवार देर रात हुआ था।

वॉशिंगटन। अमेरिका में बुधवार देर रात हुए विमान दुर्घटना में सभी 67 यात्रियों के मारे जाने की पुष्टि हो गई। अधिकारियों के अनुसार 25 साल में हुए हादसों में सबसे खतरनाक हुआ है। दरअसल सेना के एक हेलीकॉप्टर और यात्री विमान के बीच हवा में हुई टक्कर में कोई भी जिंदा नहीं बच पाया है। दोनों विमानों में कुल 67 लोग सवार थे, सबकी की मौत हो गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। यह पिछले 25 साल के अमेरिकी इतिहास की सबसे घातक विमान दुर्घटना है।

यह दुर्घटना रात 9 बजे (स्थानीय समयानुसार) से पहले दुनिया के सबसे कड़े नियंत्रित और निगरानी वाले हवाई क्षेत्र में हुई, जो व्हाइट हाउस और कैपिटल से लगभग 3 मील (लगभग 4.8 किलोमीटर) दक्षिण में है।अधिकारियों ने बताया कि हादसा बुधवार देर रात हुआ था। यहां वाशिंगटन से पोटोमैक नदी के पार रोनाल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट पर मेरिकन एयरलाइंस का एक विमान उतरने जा रहा था। तभी एक सैन्य हेलीकॉप्टर के अमेरिकन एयरलाइंस के जेट के रास्ते में आ गया।

दोनों विमान पोटोमैक नदी के बर्फीले पानी में समा गए थे। विमान में 60 यात्री और चार चालक दल के सदस्य सवार थे। हेलीकॉप्टर में तीन सैनिक सवार थे। सूत्रों के अनुसार यह हादसा चालक दल की लापरवाही से हुआ है।

अमेरिका के बड़े हादसे

2009 का विमान हादसा: 2009 में भी भीषण विमान हादसा हुआ था, जिसमें 50 लोगों की जान चली गई थी। 12 फरवरी, 2009 को कोलगन एयर का एक विमान बफेलो, न्यूयॉर्क के पास क्रैश हो गया, जिसमें 45 यात्रियों, दो पायलटों और दो फ्लाइट अटेंडेंट सहित बॉम्बार्डियर डीएचसी-8 प्रोपेलर विमान में सवार सभी लोग मारे गए थे, इस हादसे में जब विमान क्रैश हुआ था तो जमीन पर मौजूद एक और व्यक्ति की भी मौत हो गई थी, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 50 हो गई थी।

47 यात्री इस हादसे में मारे गए थे

27 अगस्त 2006: देश में साल 2006 में 27 अगस्त में केंटुकी के लेक्सिंगटन में उड़ान भरते समय एक कॉमेयर विमान क्रैश हो गया, क्योंकि वह गलत रनवे से निकल गया, चालक दल के दो सदस्य और 47 यात्री इस हादसे में एक गलती की वजह से मारे गए थे।

12 नवंबर 2001: 2001 में 12 नवंबर को उड़ान भरने के फौरन बाद डोमिनिकन के रास्ते में अमेरिकन एयरलाइंस का एक विमान न्यूयॉर्क के क्वींस में बेले हार्बर में क्रैश हो गया, विमान में सवार सभी 260 लोग मारे गए थे। इसी तरह 11 सितंबर 2001 को हुए हादसे में 3 हजार लोग मारे गए थे। इस बार कोई प्लेन क्रैश नहीं हुआ था, कोई गलत रनवे पर नहीं गया था, न ही विमान की टक्कर हुई थी, बल्कि 19 अल-कायदा हाइजैकर ने चार जेटलाइनरों पर कब्जा कर लिया था, दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में भेज दिया था, तीसरे को अर्लिंगटन, वर्जीनिया में पेंटागन में और चौथे को पश्चिमी पेंसिल्वेनिया के एक मैदान में भेज दिया था. 9 / 11 अमेरिका के इतिहास का सबसे घातक हमला था।

31 जनवरी 2000: साल 2000 में 31 जनवरी को अलास्का एयर लाइन एक विमान कैलिफोर्निया के अनाकापा द्वीप के पास प्रशांत महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस दुर्घटना में 83 यात्रियों और चालक दल के पांच सदस्यों की मौत हो गई थी। साल 1996 में ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस की एक उड़ान पेरिस, फ्रांस जाते समय न्यूयॉर्क के पूर्वी मोरीचेस के पास अटलांटिक महासागर में क्रैश हो गया था. विमान में सवार सभी 230 लोग मारे गए थे। मियामी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के लगभग 10 मिनट बाद वैलुजेट एयरलाइंस का एक विमान एवरग्लेड्स में हादसे का शिकार हो गया. इस दुर्घटना में सभी 105 यात्रियों और चालक दल के पांच सदस्यों की मौत हो गई थी।

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