नई दिल्ली।CTI अभी तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध में भाजपा ही उतरती थी, अब व्यापारी वर्ग भी कांग्रेस के विरोध में उतरने लगा है। दरअलस कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में है, वहीं व्यापारी वर्ग ने रैली टालने की मांग की थी, लेकिन कांग्रेसी पीछे नहीं हटे तो व्यापारी वर्ग जनता से अपील करने लगे है कि वह इस रैली को नजरअंदाज करे।
इसी क्रम में रैली को लेकर LPG डिस्ट्रीब्यूटर संगठन ने इस रैली के कॉल का विरोध जताते हुए नजरअंदाज करने की अपील की है। वहीं इस मामले में फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) ने दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की कॉल का कड़ा विरोध किया है।डिस्ट्रीब्यूटर्स संघ ने सभी एलपीजी डीलरों से अपील की है कि वे अपनी आपूर्ति और डिलीवरी का काम सामान्य रूप से जारी रखें, ताकि त्योहारी सीजन में आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बातचीत के जरिए समाधान का भरोसा
FLDI ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वे तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। संघ का कहना है कि वितरकों की जायज मांगों को लेकर मंत्रालय और OMCs सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं और उन्हें जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन मिला है।
इसलिए हो रहा कांग्रेस का विरोध
गौरतलब है कि इंडी गठबंधन की यह रैली मुख्य रूप से कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध और मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। ऐसे में जब बात चर्चा में आई तो इससे पहले चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से 1 नवंबर को होने वाली इस रैली को स्थगित करने की अपील की। व्यापारियों का तर्क था कि त्योहारी सीजन और दिवाली की पीक शॉपिंग के समय इस रैली से दिल्ली के व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है और लगभग 10000 करोड़ रुपये के कारोबार के प्रभावित होने की आशंका है।
