मुंबई।Hair Care भारत की गर्मी किसी परीक्षा से कम नहीं होती। तेज धूप, बढ़ता तापमान, उमस, पसीना और प्रदूषण—इन सबका असर सिर्फ त्वचा पर ही नहीं, बालों पर भी गहराई से पड़ता है। अक्सर लोग जिसे सिर्फ “फ्रिज” या “चिपचिपापन” समझते हैं, दरअसल वह बालों का पर्यावरणीय असंतुलन पर प्रतिक्रिया देना होता है—एक तरफ नमी की कमी और दूसरी तरफ अतिरिक्त तेल।
- बालधोने की आदत पर दोबारा सोचें
गर्मियों में स्कैल्प पर पसीना और तेल अधिक बनता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रोज़ शैंपू किया जाए। बार-बार बाल धोने से प्राकृतिक तेल खत्म हो जाते हैं, जिससे स्कैल्प इसकी भरपाई के लिए और अधिक तेल बनाने लगता है। बेहतर होगा कि सप्ताह में 2– बार हल्के (माइल्ड) शैंपू से बाल धोएँ और ध्यान खासतौर पर स्कैल्प की सफाई पर दें, बालों की लंबाई पर नहीं।
- हाइड्रेशनको बनाइए सबसे बड़ा साथी
तेज गर्मी और यूवी किरणें बालों की नमी छीन लेती हैं, जिससे वे रूखे, बेजान और खुरदरे दिखने लगते हैं। ऐसे में हल्के लेकिन हाइड्रेटिंग कंडीशनर का इस्तेमाल करें और हफ्ते में एक बार डीप-कंडीशनिंग मास्क ज़रूर लगाएं। लीव-इन कंडीशनर भी बालों को बिना भारी बनाए मुलायम बनाए रखने में बेहद असरदार होते हैं।
- हीटकम करें, नेचुरल टेक्सचर अपनाएँ
जब बाल पहले से ही बाहरी गर्मी झेल रहे हों, तब हीट स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल उन्हें और अधिक ड्राई और कमजोर बना सकता है। कोशिश करें कि बालों की प्राकृतिक बनावट को अपनाएँ, उन्हें हवा में सूखने दें और आसान, कम मेहनत वाले हेयरस्टाइल चुनें। इससे बाल स्वस्थ भी रहेंगे और समर लुक भी सहज लगेगा।
- उमससे बचाव के लिए सुरक्षा परत बनाएं
नमी भरा मौसम बालों की बाहरी परत (क्यूटिकल) को फुला देता है, जिससे फ्रिज़ बढ़ता है और बालों की शेप बिगड़ जाती है। गीले बालों पर एंटी-फ्रिज़ सीरम या हल्का हेयर ऑयल लगाएँ। यह एक सुरक्षा परत बनाता है, जो अंदर की नमी को बनाए रखता है और बाहर की उमस को भीतर आने से रोकता है।
- धूपऔर बाहरी नुकसान से सुरक्षा जरूरी
जैसे त्वचा को धूप से बचाने की ज़रूरत होती है, वैसे ही बालों को भी यूवी प्रोटेक्शन चाहिए।लंबे समय तक धूप में रहने से बाल कमजोर होते हैं और उनका रंग भी फीका पड़ सकता है। बाहर निकलते समय बालों को ढकें या ऐसे हेयर प्रोडक्ट्स चुनें जिनमें यूवी फ़िल्टर मौजूद हों, ताकि चमक और मजबूती बनी रहे।
- ताजगीकी शुरुआत स्कैल्प से होती है
स्वस्थ और साफ स्कैल्प ही ताजा दिखने वाले बालों की असली नींव है।पसीना जमा होने से खुजली, डैंड्रफ और चिपके हुए फ्लैट बालों जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। समय-समय पर क्लैरिफाइंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें और बहुत सारे स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स की परतें चढ़ाने से बचें। उदाहरण के तौर पर, प्रोबायो हनी मॉइस्चर लीव-इन कंडीशनर स्प्रे जैसे प्रोडक्ट बालों के लिए हाइड्रेटिंग मिस्ट की तरह काम करते हैं।
- स्मार्टस्टाइल करें, जरूरत से ज़्यादा नहीं
बहुत उमस वाले दिनों में बालों से लड़ने के बजाय उनके साथ काम करें। स्लीक बन,
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