शिमला।AI Summit राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने वाले तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को शिमला के रोहड़ जिले से गिरफ्तार किया। इसकी जानकारी लगते ही कांग्रेस शासित राज्य की पुलिस ने उन आरोपियों को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। आखिरकार दिल्ली पुलिस ने उन्हें पहले वहां की लोकल कोर्ट में पेश किया इसके बाद उन्हें लेकर दिल्ली रवाना हुई। इससे पहले सुबह से लेकर बुधवार देर रात तक हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। इस घटनाक्रम ने 2021 में शासित पंजाब की कांग्रेस सरकार की याद दिला दी, जिसने यूपी के माफिया मुख्तार अंसारी को योगी सरकार को देने से मना कर दिया था, कई बार आवेदन के बाद जब पंजाब सरकार ने यूपी को नहीं सौंपा तो यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट पहुंची तब जाकर बाहुबली को यूपी सरकार को सौंपा गया।
दिल्ली पुलिस टीम को लिया हिरासत में
तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिला शिमला के रोहड़ू से पकड़कर ले जा रही दिल्ली पुलिस की टीमों को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बिना सूचना कांग्रेस शासित हिमाचल पहुंची दिल्ली पुलिस के करीब 20 अधिकारियों-कर्मचारियों की तीन गाड़ियों को शिमला के शोघी और सोलन के धर्मपुर में नाके लगाकर रोक लिया गया। दिल्ली पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाकर हिमाचल पुलिस ने शिमला के चिढ़गांव में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद शिमला पुलिस जिला अदालत भी पहुंच गई। दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामे व तनातनी के बाद देर शाम दिल्ली पुलिस फिर तीनों कार्यकर्ताओं को लेकर रवाना हुई, लेकिन शिमला पुलिस ने उन्हें फिर शोघी नाके पर रोक लिया।देर रात तक टकराव की स्थिति बनी रही।
देर रात तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
इस दाैरान दोनों तरफ से खूब बहसबाजी हुई। हिमाचल पुलिस ने तीन लोगों को अगवा करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस टीम को उन पर दर्ज एफआईआर की प्रति दिखाई और मामले में सहयोग की अपील की। वहीं दिल्ली पुलिस का तर्क था कि उन्होंने 20 फरवरी को एफआईआर दर्ज की है और इसमें नाै लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके पुलिस रिमांड आ चुके हैं। हिमाचल पुलिस का दावा है कि दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह से अवैध है। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई से पहले न ही स्थानीय पुलिस को सूचना दी और न ही उसके पास कार्रवाई करने के लिए वैध दस्तावेज थे। इसलिए यह कार्रवाई करनी पड़ी है।
तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर भेजा
शिमला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम-II) की अदालत ने दिल्ली पुलिस द्वारा शिमला जिले के रोहड़ू से गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया। तीनों आरोपी सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को रात करीब 1 बजे एसीजेएम-II एकांश कपिल के आवास न्यायालय में पेश किया गया, जहां दिल्ली पुलिस की ट्रांजिट रिमांड की याचिका पर सुनवाई हुई और उसे स्वीकार कर लिया गया। भारत सरकार की ओर से वरिष्ठ पैनल वकील नंदलाल ठाकुर ने बताया कि हमने सबसे पहले यहां के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को आवेदन दिया। उन्होंने आवेदन आगे भेज दिया। अब न्यायालय संख्या 2 (एसीजे) के स्थानीय मजिस्ट्रेट ने उनकी पुलिस ट्रांजिट रिमांड को मंजूरी दे दी है। अब तीनों आरोपियों को दिल्ली की उस अदालत में संबंधित स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा जहां एफआईआर दर्ज की गई थी।
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