Khaki again infamous in Agra: बात नहीं मानने पर दूध विक्रेता को बेहरमी से पीटा, नाखून तक उखाड़ लिए

Milk vendor brutally beaten, nails pulled out for not obeying

मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।

आगरा।Khaki again infamous in Agra मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त चेतावनी के बाद भी खाकी वाले खुद को बदनाम करने से पीछे नहीं हट रहे है। ताजा वाक्या आगरा से सामने आया, यहां एक दरोगा ने दूध विक्रेता को केवल ​इसलिए बेरहमी से पीटा,क्योंकि वह उनके कहने पर उन्हें थाने लेकर नहीं गया, क्योंकि उसे टेंपो नहीं चलाने आते था। आरोप है उसे थाने ले जाकर जमकर पीटा, यहां तक कि उसके पैरों पर लाठियां बरसाई जिससे पैर के सा​थ ही डंडे टूट गए। इसके बाद उसके नाखूनों को उखाड़ लिया गया।

रुपये और मोबाइल छीनकर उस पर शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की। उसका दोष सिर्फ इतना था कि वह भाई के टेंपो पर बैठा था और उसे टेंपो चलाना नहीं आता था। जबकि उससे टेंपो थाने लेकर चलने को कहा जा रहा था। न्यायालय से शुक्रवार को जमानत के बाद पीड़ित ने रिश्तेदार भाजपा नेता के साथ डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

नरेंद्र को नहीं आता टेंपो चलाना

सैंया के वीरई गांव के नरेंद्र कुशवाह अपने बड़े भाई धीरज के साथ टेंपो से आगरा में आकर घर-घर जाकर दूध बेचते हैं। टेंपो धीरज चलाते हैं, नरेंद्र को टेंपो चलाना नहीं आता। नरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को भाई के साथ दूध बांटने छत्ता के जीवनी मंडी चौकी क्षेत्र के गरीब नगर आए थे। धीरज उन्हें टेंपो में छोड़कर घरों में दूध देने चले गए। पूर्वाह्न 11 बजे के करीब वहां जीवनी मंडी चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार किसी झगड़े की सूचना पर पहुंचे। उन्होंने झगड़ा करने पर कुछ युवकों को पकड़ा और उनके पास आकर टेंपो में युवकों को बिठाकर थाने ले चलने के लिए कहा। उसने बताया कि वह टेंपो चलाना नहीं जानता। इस बात पर वह भड़क गए। पिटाई करते हुए उसे जीवनी मंडी चौकी लाया गया।

सिपाहियों ने बरसाए पैरों पर डंडे

आरोप है कि वहां चौकी प्रभारी ने पहले जमीन पर गिराकर पीटा। इसके बाद सिपाहियों से पैर के तलवे पर डंडे बरसवाए। दो डंडे पैर पर मारने से टूट गए। दरोगा ने पैर का नाखून उखाड़ दिया। वह गिड़गिड़ाता रहा लेकिन किसी को दया नहीं आई। आरोप है कि इसके बाद चौकी इंचार्ज ने उसका मोबाइल और जेब में रखे 1800 रुपये छीन लिए। टेंपों में उन्हें डालकर थाने पहुंचाया और शांतिभंग में चालान कर दिया। भाई ने परिचित रिश्तेदार भाजपा नेता प्रेम सिंह कुशवाह को जानकारी दी। उन्होंने पुलिस लाइन से जमानत कराई। आरोप है कि जब वह टेंपो, मोबाइल और रुपये वापस लेने थाने गए तो मोबाइल और रुपये वापस नहीं किए गए।

गौरव राठी को बनाया प्रभारी

शनिवार को डीसीपी सिटी से शिकायत पर कार्रवाई की गई। उनकी जगह गौरव राठी को चौकी का प्रभारी बनाया गया है। उधर, नरेंद्र कुशवाह ने बताया कि बड़े भाई धीरज जब दूध बांट कर लौटे तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को उन्हें घसीटते हुए ले जाते देखा। बाहर खड़े होकर वह चीखें सुनते रहे। रिश्तेदारों और परिचितों को फोन कर मदद मांग रहे थे। तब तक पुलिस ने उनका चालान कर दिया। प्रारंभिक जांच में चौकी प्रभारी की भूमिका सही नहीं मिली है। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। एसीपी छत्ता को अन्य पुलिसकर्मियों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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