JSW Paints ने स्वतंत्रता दिवस की भावना को रंगों के नए अनुभव से जीने का आह्वान किया

JSW Paints invites you to live the spirit of Independence Day with a new colour experience

जेएसडब्ल्यू पेंट्स के मूल विचार थिंक ब्यूटीफुल को और मजबूती देता है।

  • लॉन्च किया नया विज्ञापन अभियान, जिसमें छिपा है यह संदेश—”ख़ूबसूरती, जो दिल की आंखों से भी देखी जा सके!”

बिजनेस डेस्क, मुंबई। इस स्वतंत्रता दिवस पर, भारत की अग्रणी पर्यावरण-अनुकूल पेंट कंपनी और 23 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले जेएसडब्ल्यू ग्रुप का हिस्सा, JSW Paints ने अपनी नई विज्ञापन फिल्म जारी की है, जो राष्ट्रीय ध्वज को देखने और महसूस करने के एक नए दृष्टिकोण को सामने लाती है। यह अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया गया है और जेएसडब्ल्यू पेंट्स के मूल विचार थिंक ब्यूटीफुल को और मजबूती देता है।

इस फिल्म की परिकल्पना टीबीडब्ल्यूए इंडिया ने की है। फिल्म में एक पिता और पुत्र के बीच छत पर घटित एक भावुक पल को दिखाया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर जैसे ही टीवी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, बेटा जेएसडब्ल्यू पेंट्स एक्वाग्लो से एक हाथ से बनाई गई तिरंगा पेंटिंग तैयार करता है, जिसमें हर रंग एक कहानी कहता है—स्वतंत्रता दिलाने वालों को, एकता की रक्षा करने वालों को और धरती को संवारने वालों को श्रद्धांजलि। बेटा अपने दृष्टिबाधित पिता का हाथ पेंटिंग पर फिराता है ताकि उन्हें स्पर्श और भावना के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज का अनुभव हो सके, वे उसे महसूस कर सकें। फिल्म एक प्रभावशाली संदेश के साथ समाप्त होती है—”ख़ूबसूरती, जो दिल की आंखों से भी देखी जा सके।”

मानवीय जुड़ाव में गहराई

अभियान के बारे में JSW Paints डेकोरेटिव पेंट्स के सीईओ आशीष राय ने कहा, “हमारा स्वतंत्रता दिवस अभियान यह दर्शाता है कि खूबसूरती सिर्फ देखने की चीज नहीं है, यह भावनाओं और मानवीय जुड़ाव में गहराई से निहित है। यह कहानी बताती है कि कला और रंग कैसे भावनाएं और एकता को जागृत कर सकते हैं। यह हमारे थिंक ब्यूटीफुल दर्शन का सार है—जहां हर उत्पाद और कहानी संवेदनशीलता, सहानुभूति और रचनात्मकता से प्रेरित होती है।”

 

टीबीडब्ल्यूए\इंडिया के सीईओ गोविंद पांडे ने कहा, “टीबीडब्ल्यूए इंडिया में हम ऐसे विचारों में विश्वास करते हैं जो परंपराओं को चुनौती दें और लोगों के साथ गहराई से जुड़ाव बनाएं। जेएसडब्ल्यू पेंट्स के साथ, हमने लगातार इस पर खोज की है कि ‘थिंक ब्यूटीफुल’ सतह से परे क्या मायने रखता है। इस स्वतंत्रता दिवस पर हमारी फिल्म ने खूबसूरती जैसी अमूर्त अवधारणा को बेहद व्यक्तिगत अनुभव में बदलने की कोशिश की है। दृष्टिहीन पात्र को लेना सिर्फ रचनात्मक निर्णय नहीं था, बल्कि सच्चाई के प्रति प्रतिबद्धता थी। नतीजा—एक ऐसा काम जो भावनाओं को छूता है और ब्रांड के मूल्यों के प्रति ईमानदार रहता है।”

सुंदर दिखाने का तरीका

टीबीडब्ल्यूए\इंडिया के चीफ़ क्रिएटिव एक्सपीरियंस ऑफिसर, रसेल बैरेट ने कहा, “कभी-कभी सबसे प्रभावशाली दृश्य वे नहीं होते जो आंखों से दिखते हैं, बल्कि वे होते हैं जो महसूस किए जाते हैं। इस फिल्म में हमने खूबसूरती की परिभाषा को चुनौती देने की कोशिश की। इसका मतलब था कि हम ऐसे व्यक्ति को लें जो वास्तव में दुनिया को अलग तरीके से देखता हो, न कि कोई अभिनेता जो दृष्टिहीन का अभिनय कर रहा हो। उसका प्रदर्शन उन रूढ़ियों को तोड़ता है जिनके हम आदी हो चुके हैं और उन्हें मानवीय बनाता है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है—यह हमारा तरीका है यह दिखाने का कि ‘थिंक ब्यूटीफुल’ सबसे अप्रत्याशित पलों में भी जीवंत हो सकता है।”

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