चंडीगढ़ ।You are on the path of BJP: मंत्रियों और विधायकों के टिकट काटकर सत्ता में वापसी करने वाले बीजेपी के फार्मूले को अपनाकर आप भी पंजाब में दूसरी बार सरकार बनाना चाहती है। इससे पहले उसने दिल्ली में किसी भी मंत्री विधायक का टिकट नहीं काटा था, इसलिए वह सत्ता से दूर हो गई। पार्टी मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में दो बार सर्वेक्षण करवा चुकी है। इन सर्वेक्षणों में क्षेत्र की जनता के बीच मंत्रियों की पकड़, उनसे जुड़े विवादों, स्थानीय मुद्दों और काम करने के तरीकों को लेकर लोगों की राय जानी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सर्वेक्षण रिपोर्टों पर आप के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से भी रायशुमारी की है। ऐसे में कुछ मंत्रियों के टिकट कटने की तैयारी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दावा कर रहे हैं कि उम्मीदवारों की दूसरी सूची जल्द जारी होगी। इसमें कई मंत्रियों के नाम शामिल हो सकते हैं।
पहली सूची में 40 नाम
पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा का नाम शामिल है। अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम से उम्मीदवार बनाया गया है। वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज मामले में फिलहाल गुरुग्राम की जेल में बंद हैं। वहीं, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, प्रदेशाध्यक्ष एवं मंत्री अमन अरोड़ा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को पहली सूची में जगह नहीं मिली है। इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर, बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत, जल संसाधन एवं खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल, आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, पर्यटन एवं ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और जेल एवं एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को भी दोबारा टिकट मिलने का इंतजार है।
सत्ता में वापसी के लिए आप की मोर्चाबंदी
आम आदमी पार्टी का टिकट वितरण इस बार केवल उम्मीदवारों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 2027 में सत्ता में वापसी की शुरुआती रणनीति का हिस्सा भी है। 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर पार्टी ने संकेत दिया है कि वह चुनावी तैयारी में देरी नहीं करना चाहती। सभी 40 उम्मीदवार मौजूदा विधायक हैं। यानी पार्टी ने फिलहाल नए चेहरों के बजाय अपने मौजूदा विधायकों के अनुभव और चुनावी सर्वेक्षणों पर भरोसा जताया है।मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी से दोबारा उम्मीदवार बनाना भी नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है। पार्टी चाहती है कि पहले घोषित उम्मीदवारों को अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क और चुनावी तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिले। हालांकि, पहली सूची में नाम नहीं आने से शेष मंत्रियों और उनके समर्थकों की बेचैनी का माहौल है।
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