लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाक के नीचे खाकी की घोर लापरवाही सामने आई। यहां शिकायत के बाद भी पुलिस ने छेड़खानी के आरोपित पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस वजह से परेशान होकर कक्षा 11 की छात्रा ने Suicide कर ली। सोमवार दोपहर उसका शव घर में चुनरी के फंदे के सहारे लटका मिला। पिता ने क्षेत्र के एक युवक पर बेटी से छेड़छाड़ और शिकायत पर पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया है। डीसीपी उत्तरी अमित आनंद ने लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी कसमंडी कला विवेक कुमार को निलंबित कर दिया है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मृतका के पिता का आरोप है कि हंस कुमार बेटी को छह माह से परेशान कर रहा था। छह माह पहले स्कूल से लौटते वक्त बेटी से छेड़छाड़ करने की शिकायत पिता ने हंस के घरवालों से की। इस पर हंस और उसके घरवालों ने पीड़ित परिवार को पीटा। 20 मई को पिता पर चाकू से हमला भी किया। दोनों मामलों की पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पिता बेटी को ई रिक्शा से स्कूल भेजने लगे। इसके बावजूद आरोपी हरकतों से बाज नहीं आया और छात्रा का लगातार पीछा कर छेड़छाड़ करता रहा। छात्रा को जबरन अपने साथ ले जाने का दबाव डालता था। सोमवार को छात्रा के माता-पिता बैंक गए थे। दोपहर करीब 12 बजे बैंक से लौटे तो बेटी का शव फंदे पर लटका मिला। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छह महीने से कर रहा था परेशान
पिता का आरोप, छह महीने से आरोपी उसकी बेटी को परेशान कर रहा था। उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंत में परेशान होकर उसकी बेटी ने खुदकुशी कर ली। पिता की शिकायत के आधार पर आरोपी युवक हंस कुमार, उसके भाई विनय कुमार, पिता श्याम कुमार और मां राम लल्ली के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है। हंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। मई में दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने तब समझौता कर लिया था। एसीपी मलिहाबाद की जांच में चौकी प्रभारी की लापरवाही उजागर होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
