वाराणसी। Mahashivratri पर छोटे—बड़े सभी शिवालय बम—बम भोले के जयकारों से गूंज उठा,सुबह से ही शिवभक्त जलाभिषेक करने के लिए कतार में लग गए। इस अवसर पर काशी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती के बाद से लेकर पूर्वाह्न 9 बजे तक लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष लगातार गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
भोर से ही भक्तों की लंबी कतारें तड़के से ही लगनी शुरू हो गई थीं। कतार में लगे श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए भक्ति में सराबोर होकर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रह थे। जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करके बाबा की पूजा अर्चना की। भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग निर्धारित किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।

पुलिस प्रशासन रहा सतर्क
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में खोया-पाया केंद्र सक्रिय रहा। यहां तैनात कर्मचारी लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचनाएं प्रसारित कर रहे थे और बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य करते रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए थे। मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 और 16 फरवरी को ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
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