अलीगढ़।Father’s murder यूपी के अलीगढ़ जिले से संपत्ति के लिए रिश्तों के कत्ल की खबर ने सबको एक बार फिर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है, कलयुग में धन दौलत के आगे रिश्तों का कोई मोल नहीं है। यहाां एक युवक ने संपत्ति के विवाद में पिता को लोहे की रॉड से पीट— पीटकर जान ले ली, इसके बाद खुद थाने पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपियों ने पुलिस वालों से कहा उसने अपने पिता की हत्या कर दी है, उनका शव गांव के बाहर नलकूप पड़ा है, जाकर उठा लो। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मृतक के छोटे बेटे ने बड़े भाई-भाभी, साले, व ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिवार वालों ने बताया कि बनवारी लाल शर्मा रोडवेज के चालक पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
सीओ महेश कुमार ने बताया गांव तरसारा के बनवारी लाल शर्मा (72) सुबह 9 बजे बेटी की ससुराल जट्टारी से अपने गांव वापस आ रहे थे। वे गांव के बाहर खेतों पर लगे नलकूप पर पहुंचे, तभी वहां उनका बड़ा बेटा यतेंद्र उर्फ योगेन्द्र कुमार मिला। जहां दोनों में कहासुनी हुई तो यतेंद्र ने नलकूप पर रखी रॉड से पिता पर हमला बोल दिया, दर्जनों वार करके पिता के सिर गर्दन और चेहरे पर बेरहमी से प्रहार करते हुए हत्या कर दी।
खून से सनी रॉड लेकर पहुंचा
पिता की हत्या के बाद यतेंद्र खून से सने कपड़े पहने व खून से सनी लोहे की रॉड लिए कोतवाली इगलास पहुंचा, यहां उसने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई अजय व पिता उस पर हमलावर हो गए थे, उसने अपने बचाव करते हुए नलकूप के समीप पर पड़ी रॉड से पिता की हत्या कर दी है। लाश नलकूप पर ही पड़ी है।पिता की हत्या की खबर पर जट्टारी से आई बनवारी लाल की बेटी ने बताया कि उसके पिता सात दिन से उनके पास थे। बुधवार को गांव के ही विष्णु नाम के व्यक्ति का पिता के पास फोन आया था कि उन्होंने उनके नलकूप से की गई सिंचाई के रुपये उनके बेटे यतेंद्र को दे दिए हैं।
इस पर बनवारी लाल यह कहते हुए नाराज हुए कि उसको रुपये नहीं देने थे। वे सुबह आ रहे हैं। तब बात करेंगे। इस पर वे सुबह गांव पहुंचे हैं, जहां यतेंद्र पहले से गुस्से में घर से लोहे की रॉड लिए नलकूप पर उनका इंतजार कर रहा था। आते ही पानी के रुपयों को लेकर शुरू हुए विवाद में हत्या कर दी।पिता-पुत्र के बीच पिछले एक वर्ष से जमीन व मकान को लेकर विवाद चला आ रहा था। सीओ महेश कुमार के अनुसार परिवार से मिली जानकारी के अनुसार यतेंद्र पर गांव के बालक के अपहरण सहित कुछ अन्य मुकदमे दर्ज हैं। गांव के अपहरण के मामले में किसी तरह पिता ने सुलह कराई थी।
सिंचाई के पैसे लिए हुआ विवाद
अब वह काम धंधा नहीं करता था। संपत्ति के लिए विवाद करता था। एक वर्ष से विवाद शुरू होने पर इसी वर्ष आठ माह पहले पंचायत में पिता ने दोनों बेटों को दान के जरिये 14 बीघा जमीन में से छह-छह बीघा जमीन दे दी थी। खुद के पास दो बीघा रख ली थी। दोनों भाइयों ने अपने हिस्से की जमीन को पट्टे पर दे रखा है। पैतृक मकान का मूल्यांकन के उपरांत छोटे बेटे ने बड़े भाई को अपने हिस्से की धनराशि दे दी थी, किंतु यतेंद्र उर्फ योगेन्द्र ने मकान खाली नहीं किया था। जिसे लेकर लिखित शिकायतें थाने तक पहुंची थीं। इन शिकायतों पर पुलिस ने शांति भंग के अंदेशे पर तीनों पिता-पुत्रों को पांबद किया जा चुका है।घटना के संबंध में मृतक बनवारी के छोटे बेटे अजय का कहना है कि वह राया में टेंपो चलाता है, उसके पिता ने बुधवार रात को फोन पर बताया था कि यतेंद्र के ससुरालवालों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है।
