इंदौर। राज के लिए राजा की हत्या कर वाली कातिल सोनम ने बड़ी चालाकी से अपने नए नवेले दूल्हे को हनीमून के बहाने इंदौर से दूर सिक्किम ले गई। ताकि उसका मारकर शव को ऐसे ठिकाने लगाया जाए जो कभी मिले ही नहीं। हत्यारोपी सोनम का इरादा था वह नेपाल भाग जाए, इसके लिए उसने फुल प्रुफ प्लान भी बनाया था, घर से नकदी के साथ ही सभी कीमती जेवर ले गई थी, ताकि सेटल होने के लिए पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़े।
दोनों परिवारों में गम
इस शादी से दोनों परिवारों में ही खुशियों का माहौल था, परिजनों की माने तो दोनों की मर्जी से शादी हुई थी। दोनों ही परिवारों ने दिल खोलकर खर्च किया था। राजा शादी से काफी खुश था, वहीं नकली मुस्कान के शादी की रस्में निभाने वाली सोनम के दिल में क्या था,इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सका। राजा के गायब होने इसके बाद शव मिलने और हत्या का खुलासा होने के बाद दोनों ही परिवार स्तब्ध हैं। 15 दिन पहले खुशी से झूमने वाले परिवार में गम का माहौल है।
परिवार द्वारा प्यार को ठुकराए जाने से दिल में गहरा जख्म लिए बैठी, सोनम में शादी के बाद हनीमून पर ले जाकर प्रेमी के कहने पर पति को मरवा डाला। उसने सोच समझकर साजिश को अंजाम देने के लिए सोनम और राज ने शिलांग को ठिकाना चुना। इसी के तहत सोनम ने राजा को हनीमून के लिए शिलांग जाने के लिए मनाया। दोनों ने राजा की हत्या के लिए भाड़े पर तीन हत्यारे किए। खुद शिलांग न जाकर राज ने तीनों हत्यारों आकाश राजपूत, विशाल चौहान व आनंद कुर्मी को इंदौर से ही सोनम-राजा के पीछे लगा दिया। शिलांग में राजा ने जहां से स्कूटर किराये पर लिया, वहीं से हत्यारों ने भी बाइक किराये पर ली थी। तीनों ने खुद को मप्र का बताकर राजा का विश्वास जीता और साथ में घूमते रहे। तीनों हत्यारों को दंपती के साथ एक गाइड ने भी देखा था। यह सुराग भी पुलिस के लिए इस मामले में अहम साबित हुआ। सोनम के सामने ही हत्यारों ने राजा की सोहरा स्थित बंद पार्किंग यार्ड में धारदार हथियार से हत्या की। इसके बाद राजा के शव को खाई में फेंक दिया। शव ठिकाने लगाने के बाद तीनों हत्यारे अलग हो गए।
काम के दौरान हुई मुलाकात
सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी और भाई गोविंद की छोटी सी प्लाईवुड की फैक्टरी है। सोनम से पांच साल छोटा राज फैक्टरी में अकाउंटेट का काम करता था। सोनम यहां एचआर का काम करती थी। इससे दोनों में मुलाकात होती रही और नजदीकियां बढ़ गईं। पुलिस ने सोनम और राजा की कॉल डिटेल खंगाली, तो पता चला कि सोनम शादी से पहले और बाद में राज से घंटों तक बात किया करती थी। दावा किया जा रहा है कि सोनम हफ्तेभर से सिर्फ रात में सफर कर रही थी। वह वाराणसी से गोरखपुर जाने वाली बस में सवार थी। वहां से वह नेपाल भागने की फिराक में थी।
नौ लाख रुपये और गहने ले जाने से गहराया शक
सोनम नौ लाख रुपये नकद और शादी में मिले गहने लेकर शिलांग गई थी। इन पैसों की मदद से वह इतने दिन तक बचती फिर रही थी। सोनम हत्या के बाद नेपाल भागने की फिराक में थी। दो अन्य युवकों ने इतने दिनों तक उसकी छिपने और यात्राएं करने में मदद की। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और गहने ले जाने से भी पुलिस को सोनम पर शक बढ़ा था। शिलांग में राजा बैग लेकर निकला था, लेकिन सोनम नहीं चाहती थी कि बैग भी साथ में रहे। इसलिए उसने एक होमस्टे देखा और राजा को वहां कमरा लेने के लिए राजी किया। वहां के सीसीटीवी फुटेज में सोनम बार-बार फोन चेक करती नजर आई। जब राजा बैग रखने अंदर गया, तो सोनम ने दस, पंद्रह कदम दूर जाकर फोन पर किसी से बात की और राजा के बाहर आते ही उसके पास आ गई थी। सीसीटीवी फुटेज में सोनम तनाव में नजर आ रही थी। सोनम लगातार हत्यारों के संपर्क में थी।
