Gonda News। यूपी के गोंडा जिले में बुधवार को आरपीएफ ने एक सरसों का तेल चोरी करने के शक में अनुसूचित जाति के एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला। परिजनों के हंगामा करने के बाद पुलिस ने आरपीएफ के दो दरोगा पर केस दर्ज कर लिया है। मोतीगंज के किनकी गांव निवासी संजय कुमार सोनकर (36) के भाई राजू सोनकर ने बताया मंगलवार सुबह 11.30 बजे आरपीएफ के तीन जवान घर आए और सरसों तेल चोरी का आरोप लगा छोटे भाई संजय को पूछताछ के लिए साथ ले गए।
शाम करीब 4:30 बजे संजय को दोबारा कार से लेकर आए और बरुआ गांव में एक दुकानदार के पास ले गए। वहां आरपीएफ के एसआई सुरेंद्र कुमार,करन सिंह यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव व एक अन्य ने भाई के साथ मारपीट की। मौत होने पर शव को मेडिकल कॉलेज में छोड़कर भाग गए। बुधवार सुबह हमें बताया गया कि संजय अस्पताल में भर्ती है। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया मृतक के भाई की तहरीर पर आरपीएफ के एसआई सुरेंद्र कुमार, करन सिंह यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मौत का कारण स्पष्ट नहीं
नाराज परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। डॉ. कुलदीप पांडेय के नेतृत्व में तीन चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। सूत्रों के अनुसार देर शाम मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अस्पष्ट बताया गया है। इस कारण बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। गोंडा रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट से महज दस किमी की दूरी से संजय सोनकर को पकड़ने के बाद उसे पोस्ट तक नहीं लाया गया। आरपीएफ टीम 12 घंटे तक उसे लेकर कहां रही, उसके साथ क्या किया,मौत कैसे हो गई,देर रात मेडिकल कॉलेज में शव छोड़कर क्यों भागे? ये गंभीर सवाल आरोपियों की मुश्किल आगे और बढ़ाएंगे।
रोते-रोते बेहोश हुईं गीता
पति संजय की मौत पर मेडिकल कॉलेज में पत्नी गीता के साथ ही अन्य परिजन रोकर बेहाल थे। परिवार की महिलाएं गीता को संभाल रही थीं। रह-रहकर वह बेहोश हो जातीं। पानी की छींटे मुंह पर डालकर होश में लाया जाता। दोपहर करीब 12 बजे वह अचानक बदहवास हो गईं। पानी की छींटे मारने पर भी नहीं उठीं तो परिवार के लोग गोद में उठाकर इमरजेंसी की ओर दौड़ पड़े। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने गीता का इलाज किया। इसके बाद उन्हें होश आया।
यह था मामला
बरुआचक रेलवे स्टेशन के पास 28 सितंबर को मालगाड़ी के वैगन का लॉक तोड़कर सरसों तेल चोरी की वारदात के बाद से आरपीएफ की टीम केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही थी। टीम कई बार बरुआ और किनकी गांव में पहुंचकर लोगों से पूछताछ करती रही। मृतक के भाई राजू का आरोप है कि चोरी में शामिल लोगों की जानकारी के लिए आरपीएफ अक्सर गांव के लोगों को धमकाती। इससे ग्रामीण दहशत में रहे। मंगलवार को आरपीएफ ने उनके भाई को घर से उठा लिया। बुधवार सुबह भाई की मौत की खबर आई। मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय का कहना है कि संजय को गिरफ्तार करने के बाद टीम ने उससे एक अन्य आरोपी रामफेर के बारे में पूछताछ की। उसने बताया कि वह मनकापुर अपने ससुराल में है।
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