बैंकॉक। भूकंप के तेज धटकों ने म्यांमार और थाईलैंड में भयंकर तबाही मचाई है।दोनों देशों में पचास से ज्यादा मौते हुई है, गगनचुंबी इमारते और मस्जिदें ताश की के पत्तों की तरह ढहती नजर आई। हजारों लोग बेघर हुए है। मलबे केढेर में दबे लोगों को बचाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। तबाही का मंजर देख लोगों के होष उड़ गए। Earthquake tremors पड़ोसी कई देशों में महसूस किए गए। पहला भूकंप सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर आया, इसकी तीव्रता 7.2 मापी गई। इसके बाद दूसरा झटका दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर आया, इसकी तीव्रता 7 मापी गई। इसके बाद एक-एक घंटे के अंतराल पर दो और भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके भारत, चीन और बांग्लादेश तक महसूस किए गए।
भूकंप ने जबरदस्त तबाही मचाई
दक्षिण-पूर्व एशिया में शुक्रवार को आए दो तेज भूकंप के झटकों से जमकर तबाही हुई। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई इमारतें हिल गईं। इस दौरान एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत देखते ही देखते धराशायी हो गई। बैंकॉक में ऊंची-ऊंची छतों वाले पूलों से पानी बहकर सड़कों पर आ गया और कई इमारतों से मलबा गिरने लगा। इसके अलावा शहर के साथ-साथ पड़ोसी म्यांमार में भी लोग दहशत में देखे गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र ने बताया कि दोपहर के भूकंप का केंद्र म्यांमार में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई में था।भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे में तीन लोग मृत पाए गए हैं। कई अन्य लोग अभी भी दबे हुए हैं। एक बचावकर्मी सोंगवुत वांगपोन ने बताया कि मलबे के ऊंचे ढेर के पास सात अन्य लोग जीवित पाए गए हैं।
इमारतों में अलार्म बजने लगे
दोपहर 1:30 बजे भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घबराए हुए लोगों को घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक में ऊंची इमारतों और होटलों की सीढ़ियों से नीचे उतारा गया। वे भूकंप के बाद दोपहर की तपती गर्मी और आग उगलते सूरज के बीच सड़कों पर ही रहे।प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने भूकंप के प्रभाव का आकलन करने के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है। ग्रेटर बैंकॉक इलाके में 1.7 करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां कई ऊंची इमारते हैं।
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