लखनऊ। CB Singh जन जागरूकता अभियान के बैनरतले लोकतंत्र सेनानी व जेपी मूवमेंट के प्रमुख स्तम्भ रहे सीबी सिंह के तृतीय स्मृति दिवस पर स्मरण सभा का आयोजन हजरतगंज स्थित सीबी सिंह स्मृति सभागार में किया गया। स्मरण सभा की आध्यक्षता भगवती सिंह ने किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सीबी सिंह ने 16 फरवरी 2022 को एक लम्बी संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा के बाद साथी शारीरिक तौर पर हम सभी से जुदा हुए। एक समाजवादी आदर्शों, जीवन मूल्यों और सपनों से भरपूर जीवन जो हम सभी को हमेशा हमारे लक्ष्यों की याद दिलाती रहेगी और एक मुक्त तथा न्यायपूर्ण समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने जीवनभर क्रांतिकारी आदर्शों के लिए खुलकर काम किया, हमेशा लोगों के बीच रहे, जेल और दमन को प्रसन्नतापूर्वक गले लगाया और कभी भी खुद को बचाने के लिए वैचारिक जोड़ तोड़ नहीं की।

राजनीतिक लाभ से रहे दूर
वे सभी के नेता थे लेकिन कभी उन्होंने इसका लाभ नहीं उठाया और सुविधाओं के बेहद सामान्य स्तर पर पूरा जीवन जिया। एक बेहद सादगीपूर्ण, मित्रतापूर्ण और सहयोगी जीवन जीते हुये बड़े-बड़े काम किये या यूं कहें कि अपने विचारों को अपने जीवन में उतारने में वे पूरी तरह सफल रहे। सिद्धांत और आचरण की एकता ने उन्हें सही अर्थों में एक क्रांतिकारी संत बना दिया थाउनकी अपनी सोच और समझ शहीद भगत सिंह और उनके बलिदानी साथियों के विचारों के अधिक निकट थी और इसके साथ ही वे एकजुट क्रांतिकारी जनांदोलनों के बड़े हिमायती थे। वे किसानों युवाओं के व्यापक जनांदोलन श्रमिकों का सपना ही नहीं देखते थे बल्कि उसके लिए उन्होंने आजीवन काम भी किया। इन समूहों का कोई भी छोटा-बड़ा संघर्ष हो, आंदोलन हो, वे इनसे तत्काल जुड़कर लड़ने वालों की अग्रणी कतार में मजबूती से खड़े हो जाते थे। इस भूमिका के लिए उन्होंने सत्ता और सरकारों के दमन की कभी कोई चिंता नहीं की।
1973 से लेकर 1985 तक के जीवन का अधिकांश हिस्सा उनका जेलों में ही बीता और हर तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त किया। कार्यक्रम में एडवोकेट वीरेन्द्र त्रिपाठी, ओ. पी. सिन्हा, अवतार सिंह बहार, परवेज पाशा, के. के. शुक्ला, आनन्द वर्धन सिंह, एम के सिंह, उदय सिंह सूर्य देव सिंह, सुरेंद्र कुमार, चाचा अमीर हैदर, ओ पी वर्मा, रमेश सिंह सेंगर, राजेश पांडे, राजीव पांडे, राजीव पांडे, अमित राय, ज्योति राय, अशोक आर्या, कौशल किशोर, के पी यादव, ओंकार सिंह, मन्दाकिनी राय, चतुरानन ओझा अन्य लोग उपस्थित रहे।
