नई दिल्ली। संसद में लगातार विपक्षी सांसद हंगामा करके संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहे है,इस बीच Om Birla ने बड़ा बयान दिया, उन्होंने कहा कि पीएम के साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी, इसलिए उन्होंने आने से मना किया था। वहीं पीएम मोदी आज राज्यसभा में शाम पांच बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे सकते हैं। लोकसभा में आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रोके जाने के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के बीच गतिरोध बरकरार है।
लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, ‘उनके शब्दों पर ध्यान दीजिए, जिस तरह से उन्होंने एपस्टीन फाइलों के बारे में भी कहा कि इसमें और ‘माल’ और ‘कबाब’ हैं। जिस इंसान की इतनी खराब सोच हो उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं।’ केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, ‘हम जब कांग्रेस में थे, जीतकर पार्टी को सीट लाते थे, उन पर कभी बोझ नहीं बने। जब लगा कि ये परिवार की पार्टी रह गई, गांधी की पार्टी रह गई तब लोग निकल गए। अगर कांग्रेस रहती तो कांग्रेस में लोग रहते। अगर ये कांग्रेस होती तो सबसे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी निलंबित होते। बंधुआ मजदूरों कि तरह अपने सांसदों को आगे करके उन्हें निलंबित करवा देते हैं और अब मौज से गाड़ी में आते हैं और चले जाते हैं।’
‘अबोध बालक’ कहने पर भड़कीं प्रियंका गांधी
कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के लिए राज्यसभा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के ‘अबोध’ शब्द का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘यह किस तरह की बातें है। क्या किसी के बारे में बात करने का यह कोई तरीका है? वे किस बात से डर रहे हैं? कि वह किसी किताब से कुछ कोट करेंगे? या वे एपस्टीन फाइलों से डर रहे हैं? या कि हम उनसे इस डील (अमेरिका-भारत व्यापार समझौते) पर सवाल करेंगे?’ कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, ‘संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष के नेता को बोलने और बहस शुरू करने का अधिकार होता है, जिसे इस सदन में पूरी तरह से नकार दिया गया है। हमारा एकमात्र एजेंडा यह है कि विपक्ष के नेता को बोलने की इजाजत दी जानी चाहिए।’
वित्त मंत्री ने लिंचिंग शब्द पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खरगे की तरफ से की गई आलोचना के बाद लिंचिंग जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। सीतारमण ने राजस्थान में हुई दर्जी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे सदन को ऐसे शब्दों के इस्तेमाल की निंदा करनी चाहिए। उन्होंने सभापति सीपी राधाकृष्णन से अपील की कि ऐसे असंसदीय शब्दों को सदन की कार्यवाही से निकाल देना चाहिए। हंगामे, नारेबाजी और शोक के बीच सदन की कार्यवाही चलती रही। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्षी दलों को अपने आचरण और रवैये पर दोबारा विचार करना चाहिए।
खरगे ने लोकसभा का मुद्दा उठाया
लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी हंगामा देखने को मिला। सदन के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को न बोलने दिए जाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मसले पर चर्चा का मुद्दा उठाया। इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन और सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा की कार्यवाही के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती। अगर खरगे चाहते हैं कि लोकसभा में सुचारू रूप से चर्चा हो, तो उन्हें राहुल गांधी और अपने दल के नेताओं से बात करनी चाहिए।
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