आगरा। नवरात्रि हिंदू समुदाय के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। ऐसे में कुछ लोग त्योहार की पवित्रता करने की तैयारी में थे,लेकिन उससे पहले पकड़े गए। आगरा में शनिवार रात एसओजी और एफएसडीए की टीम ने छापा मारकर रिफाइंड और वनस्पति से तैयार कराने Fake ghee factory के बड़े कारोबारी को पकड़ा। टीम को कई ब्रांड के देसी घी के टिन बरामद हुए हैं। इनमें 1600 किलो मिलावटी देसी घी मिला है। इसे मिलावटखोर नवरात्र में खपाने के प्रयास में लगे हुए थे। मौके पर फैक्ट्री मालिक आरोपी दिनेश चंद गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मुखबिर की सूचना पर शनिवार रात को पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने थाना छत्ता के पंजा मदरसा स्थित गोदाम में छापा मारा। यहां नामी कंपनियों के नाम से भारी मात्रा में मिलावटी घी मिला। टीम को जांच में पारस ब्रांड घी के 8 टिन, कृष्णा ब्रांड घी के 24 टिन, बिना ब्रांड के घी के तैयार 50 टिन, जेमिनी वनस्पति के 12 टिन, विभोर वनस्पति के 6 टिन, खराब हो चुके घी के 5 टिन और एक कंटेनर में तैयार 30 किलो घी मिला।
मिलावटी नमूने लैब में भेजे गए
इन नामी कंपनियों के घी में रिफाइंड सोयाबीन तेल और वनस्पति घी की मिलावट कर पैकिंग की जा रही थी। 105 टिन में 1575 किलोग्राम मिलावटी घी बरामद किया गया है। इसके साथ खुला मिलावटी 30 किलोग्राम घी भी जब्त किया गया। रिफाइंड, वनस्पति तेल और मिलावटी घी के पांच नमूने लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय शशांक त्रिपाठी बताया कि मिलावट माफिया देसी घी में आधी मात्रा रिफाइंड और वनस्पति मिलाता था। इसको 600 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जाता था। इसकी लागत करीब 300 रुपये पड़ती थी। इस मिलावटी घी को नवरात्र के त्योहार पर बाजार में खपाया जाना था, इससे पहले भी पकड़ी गई थी नकली घी की फैक्ट्री।
इसे भी पढ़ें….