पुलिस का दांवा हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र की हत्या दिन रात साथ रहने वाले दोस्त ने की थी, जानिए पूरा मामला

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History-sheeter Jitendra was murdered by a friend who lived with him day and night, know the whole matter.
जितेंद्र अपने पैर का ऑपरेशन कराना चाहता था और वह बुधवार को पैर का ऑपरेशन कराने के लिए दिल्ली गया था।

बागपत। यूपी के बागपत जिले में एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बागपत जिले के रमाला में बैंक लूट के मामले में पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सूप पिछले साल ही जेल से बाहर आया था। जितेंद्र सूप की हत्या का आरोप उसके दोस्त पर लगा। दोनों दोस्त ज्यादातर समय साथ रहते थे।जितेंद्र अपना इलाज कराने के लिए भी अंकुर को साथ लेकर जाता था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जब तुगाना में बैंक लूटा था तो उसे पुलिस पकड़ने पहुंची थी।

वह पुलिस को देखकर छत से कूद गया था और उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। उसके बाद से वह सही से नहीं चल पाता था। इसलिएजितेंद्र अपने पैर का ऑपरेशन कराना चाहता था और वह बुधवार को पैर का ऑपरेशन कराने के लिए दिल्ली गया था। जहां अंकुर ही उसके साथ गया था, लेकिन ब्लड प्रेशर ज्यादा होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका था। जितेंद्र जाता के साथ अधिकतर समय अंकुर रहता था। इसलिए हर कोई यह सुनकर चौंक रहा था कि जितेंद्र की हत्या में अंकुर शामिल है।

इस तरह हुआ हत्या का खुलासा

पुलिस ने घटनास्थल के पास ही एक मकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को कब्जे में लिया है और इससे छानबीन की जा रही है। वहीं घटनास्थल पर फटी हुई एक शर्ट मिली है और यह माना जा रहा है कि वह आरोपियों में किसी एक ही शर्ट है। इसलिए ही डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलवाकर कुत्ते को शर्ट सुंघाने के बाद वहां से रवाना किया। वह छपरौली-किशनपुर बराल मार्ग पर पहुंचकर रुक गया। इस तरह से डॉग स्क्वॉड भी आरोपियों तक पहुंचाने में कामयाब नहीं हो सकी। पुलिस को घटनास्थल से शराब की दो खाली टूटी हुई बोतल, पानी की तीन बोतल, चटनी आदि सामान मिला। पुलिस मान रही है कि उनका शराब पीने के दौरान झगड़ा हुआ और उसके बाद हत्या की गई।

कई मामलों में था आरोपी

सीओ युवराज सिंह ने बताया कि जितेंद्र के खिलाफ सबसे पहला हत्या का मुकदमा दोघट थाने में दर्ज हुआ था। उसके बाद ठेकों पर लूट, गैंगस्टर, बस में लूट, बैंक में लूट के मुकदमे दर्ज हुए थे। उस पर आखिरी मुकदमा बैंक लूट का छपरौली थाने में दर्ज हुआ था, जबकि अन्य मुकदमे रमाला थाने में दर्ज थे।

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