Sunday, September 25, 2022
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अग्निपथ स्कीम युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर भद्दा मजाक

प्रतिरोध सभा में बोलते हुए विमल

लखनऊ। पीपुल्स यूनिटी फोरम के तत्वावधान में केन्द्र सरकार की तथाकथित ‘अग्निपथ’ स्कीम के खिलाफ विरोध स्वरूप प्रतिरोध सभा का आयोजन हजरतगंज स्थित सी. बी. सिंह स्मृति सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओ. पी. सिन्हा ने व संचालन एडवोकेट वीरेंद्र त्रिपाठी ने किया।वक्ताओं ने अग्निपथ स्कीम को युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर भद्दा मजाक करार देते हुए कहा कि 14 जून को रक्षा मंत्री द्वारा रोजगार के क्षेत्र में एक नई स्कीम ‘अग्निपथ’ का ऐलान किया जिसके तहत अब सेना में जवानों की भर्ती सिर्फ 4 साल के लिए होगी और उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया जायेगा। ऐसे भर्ती किए गए जवानों को पेंशन तथा ग्रेजुएटी जैसी अन्य तरह की सुविधाएं नहीं दी जाएगी।

नौकरियों का समाप्त कर रही सरकार

वक्ताओं ने कहा कि एक तरह अग्निपथ स्कीम जैसी युवा विरोधी नीति लाई जा रही है और दूसरी तरफ प्रधान सेवक द्वारा अगले डेढ़ साल में 10 लाख नौकरी देने का ऐलान किया जा रहा हैं। अजीब इत्तेफाक है कि 8 वर्ष के बाद उन्हें शायद याद आया की सरकार के विभिन्न विभागों में 10 लाख पोस्ट खाली हैं। जबकि यही सरकार 4 लाख नौकरियों को समाप्त कर चुकी है। 10 लाख नौकरी का ऐलानभी हर साल 2 करोड़ नौकरी के वादे की तरह ही जुमला बन कर रह जाएगा। कहीं यह चुनाव जीतने की तिकड़म तो नहीं!

रोजगार की समस्या

देश मे बेरोजगारी की समस्या भयावह है। युवा हताश और निराश हैं। ऐसे में अग्निपथ जैसी स्कीम युवाओं के मनोबल को तोड़ने का काम करेगी। दो साल से कोरोना की आड़ में सरकारी विभागों में नौकरी नही दी जा रही थी।अब जब स्थिति सामान्य हुई तो युवाओं को उम्मीद थी कि नौकरी की भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसी स्थिति में इस तरह की स्कीम लाना युवाओं के ऊपर वज्रपात से कम नही है। सरकार को रोजगार की समस्या दूर करने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए था लेकिन केन्द्र सरकार ऐसा न कर के ठीक इसके विपरीत एक-एक करके बचे-खुचे सरकारी संस्थानों से स्थाई नौकरी को समाप्त कर रही है। इस तरह के स्कीम से ठेकेदारी सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार की समस्या और भी विकराल रूप धारण करेगी।

पीपुल्स यूनिटी फोरम सरकार से यह मांग करता है कि अग्निपथ स्कीम को वापस लिया जाए और सभी सरकारी संस्थानों में स्थाई भर्ती की जाएं। हम साथ ही साथ आंदोलनरत युवा साथियों से अपील करते है कि वे किसी तरह की तोड़-फोड़ या हिंसा जैसी कार्रवाई न करें सिर्फ शांतिपूर्ण और जुझारू युवा आंदोलन गठित करने के लिए उसी तरह एकजुट हों जैसे किसानों ने अपनी मागों के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ी थी।कार्यक्रम में भगवान स्वरूप कटियार, पुष्पेंद्र विश्वकर्मा, ज्योति राय, अजय शर्मा, जय प्रकाश मौर्य, विमल त्रिवेदी, उदय खत्री, सतीश श्रीवास्तव, सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखें।

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