श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक ने देश की पथप्रदर्शक महिला उद्यमियों को ‘प्रेरणा अवार्ड’ से सम्‍मानित किया

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Schneider Electric honors country's pioneering women entrepreneurs with 'Prerna Award'
इन महिलाओं ने जो साहस, दृढ़ता, लचीलापन और उद्देश्‍य दिखाया है, वह हम सभी के लिये एक बड़ी प्रेरणा है।
  •  इस साल यह पुरस्‍कार इंडिया इनोवेशन समिट 2021 के दौरान दिये गये
  •  यह पुरस्‍कार उन महिला उद्यमियों को दिये जाते हैं, जो बड़ी चुनौतियों से उभरकर हाशिये पर खड़ी आबादी के वर्गों को रोजगार और कौशल-निर्माण से सशक्‍त करती हैं

मुम्बई ,बिनजेन डेस्क। एनर्जी मैनेजमेंट और ऑटोमेशन में वैश्विक अग्रणी श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक विविधता, समानता और समावेशन के लिये मजबूत प्रतिबद्धता रखता है। वह नियुक्ति, विकास, नीति एवं प्रक्रिया, सामाजिक प्रभाव और वकालत के महत्‍वपूर्ण स्‍तंभों में शिक्षा, समर्थता और कार्रवाई के लिए एक बहुआयामी रणनीति पर चलता है। इकोसिस्‍टम में विविधता, समानता और समावेशन लाने के लिये अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुन:पुष्टि करते हुए श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया ने आज प्रेरणा अवार्ड्स का चौथा एडिशन पेश किया। वर्ष 2015 में संस्‍थापित प्रेरणा अवार्ड्स उन साहसी महिलाओं की पहचान कर उन्‍हें सम्‍मान देता है, जिन्‍होंने समाज में गैर-बराबरी को चुनौती दी, सभी विषमताओं का सामना किया, लेकिन फिर भी समाज में बड़ा योगदान दिया।

डॉ. किरण बेदी ने की सरहाना

पुरस्‍कार दिये जाने से पहले रिटायर्ड आईपीएस और पुडुचेरी की भूतपूर्व उपराज्‍यपाल डॉ. किरण बेदी और श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया में भारत और दक्षिण एशिया की सीएचआरओ रचना मुखर्जी के बीच विचारों को प्रेरित करने वाली एक बातचीत हुई।

विजेताओं को बधाई देते हुए, रिटायर्ड आईपीएस और पुडुचेरी की भूतपूर्व उपराज्‍यपाल डॉ. किरण बेदी ने कहा, “हमारे देश के हर कोने में ऐसे रत्‍न छुपे हुए हैं। इन साहसी महिलाओं को खोजने और सम्‍मानित करने की लगन और इच्‍छा जुटाना एक चुनौती है, ताकि इन्‍हें हर प्रकार से सहयोग दिया जा सके और फलने-फूलने का मौका भी मिल सके। मुझे बहुत खुशी है कि श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया ने इन उभरती सामाजिक उद्यमियों को पहचाना है और वह मंच दिया है, जो समाज में इनकी मौजूदगी के लिये और भविष्‍य की पीढ़ियों को सकारात्‍मक ढंग से प्रभावित करने के लिये जरूरी है।”

इन महिलाओं को किया सम्मानित

कृति भारती, सारथी ट्रस्‍ट की फाउंडर, जो बालविवाह की प्रथा के उन्‍मूलन के लिये काम करता है और महिलाओं को सामाजिक न्‍याय देता है। सोनल कपूर, एनजीओ प्रोत्‍साहन की फाउंडर, जो बच्‍चों के साथ यौन दुराचार, गलत व्‍यवहार, बालविवाह और अवैध व्‍यापार (ट्रैफिकिंग) के विरूद्ध लड़ाई लड़ता है।और यूथनेट की हेकानी जखालू, जो युवाओं को विभिन्‍न नौकरियों के लिये जरूरी प्रशिक्षण और विकास देकर उनकी सहायता करता है।

कृति भारती ने दिया धन्यवाद

सारथी ट्रस्‍ट के सफर के बारे में कृति भारती ने कहा, “मैं प्रेरणा अवार्ड्स से हमें और हमारे काम को सम्‍मानित करने के लिये श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक को धन्‍यवाद देती हूँ। बालविवाह हमारे समाज के लिये एक खतरा है और हम इसे खत्‍म करने के लिये कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अपने फाउंडेशन के जरिए हम यह सुनिश्चित करने के लिये अपनी सबसे अच्‍छी कोशिश करते हैं कि हमारी लड़कियां मजबूत महिलाओं के रूप में बड़ी हों, अपना भविष्‍य बना सकें और दुनिया के लिये उम्‍मीद और प्‍यार का स्‍तंभ बनें।”

बात को आगे बढ़ाते हुए प्रोत्‍साहन की सोनल कपूर ने कहा, “श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक से मिला यह सम्‍मान हमारे फाउंडेशन और उसके काम के लिये बहुत मायने रखता है। पिछले 8 सालों में हमने 19000 से ज्‍यादा बच्‍चों का रेस्‍क्‍यू और पुनर्वास किया है और हम किशोर युवतियों और महिलाओं को प्रशिक्षण देने के लिये काम कर रहे हैं, ताकि उन्‍हें आजीविका के साधन मिलें और वे आदर तथा सम्‍मान के साथ जीवन जियें।”

पुरस्‍कार जीतने पर अपने विचार रखते हुए, यूथनेट की हेकानी जखालू ने कहा, “हमारा लक्ष्‍य हमेशा से युवाओं को सशक्‍त करने का रहा है, ताकि शिक्षा, बेरोजगारी, उद्यमिता और आजीविका जैसे मुद्दों को सम्‍बोधित किया जा सके। इस पुरस्‍कार से हमें सम्‍मानित करने और अपने लक्ष्‍य की दिशा में लगातार काम करने के हमारे उत्‍साह को बढ़ावा देने के लिये हम श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक को धन्‍यवाद देते हैं।”

रचना मुखर्जी ने बदलाव पर दिया जोर

महिलाओं की अगुवाई में बदलाव लाने की जरूरत पर जोर देते हुए, श्‍नाइडर इलेक्ट्रिक में भारत और दक्षिण एशिया की सीएचआरओ रचना मुखर्जी ने कहा, “विविधता, समानता और समावेशन श्‍नाइडर के इतिहास, संस्‍कृति और पहचान का अभिन्‍न हिस्‍सा रहे हैं और हम अपनी संस्‍था के भीतर और बाहर इस एप्रोच पर काम करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। इस साल की नॉमिनीज ने पारंपरिक पूर्वाग्रहों और सामाजिक नियमों को तोड़ा है और हमारे समाज के महत्‍वपूर्ण वर्गों में से कुछ के लिये भविष्‍य को सकारात्‍मक बनाने में मदद की है। इन महिलाओं ने जो साहस, दृढ़ता, लचीलापन और उद्देश्‍य दिखाया है, वह हम सभी के लिये एक बड़ी प्रेरणा है।”

रचना ने आगे कहा, “इनमें से प्रत्‍येक महिला एक बराबरी वाला आत्‍मनिर्भर भारत बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है और इनकी उपलब्धियों और समाज में योगदान को सम्‍मानित करने से हमें वाकई सम्‍मान मिला है।”प्रेरणा अवार्ड्स की विजेताओं का चयन नॉमिनीज द्वारा किये गये प्रभावपूर्ण काम के कठोर मूल्‍यांकन के बाद हुआ था। महत्‍वपूर्ण मापदंडों में से एक था नॉमिनीज का छोटे से लेकर मध्‍यम आकार की महिला उद्यमी होना, जिन्‍होंने प्रभावपूर्ण काम किया हो और स्‍थायी, दूरगामी पहुँच वाली और प्रभावशाली मध्‍यस्‍थताओं के माध्‍यम से बदलाव किया हो।

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