Thursday, September 29, 2022
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करवाचौथ पर भूलकर भी न करें ये काम, हो सकता है बड़ा नुकसान

धर्म डेस्क। हिन्दू धर्म में करवा चौथ का पर्व महिलाओं के लिए अहम माना जाता है। इसमें विवाहित महिलाएं अपने पति की सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रहती है। इस दिन विवाहित महिलाएं ‘सरगी’ खाने के लिए सूर्योदय से पहले सुबह जल्दी उठती हैं। वहीं सरगी में आमतौर पर उनकी सास द्वारा तैयार भोजन में ज्यादातर सेंवई, दूध और सूखे मेवे होते हैं। इस भोजन के बाद, वे चंद्रमा के प्रकट होने तक वे निर्जला उपवास रखती हैं।

ये है मान्यता

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाता है। यह हर बरस कार्तिक मास के चौथे दिन पड़ता है। इस बार करवा चौथ रविवार 24 अक्टूबर 2021 को मनाया जाएगा। मान्यतानुसार प्राचीन काल में जब पुरुष व्यापार यात्रा या युद्ध के कारण अपने घरों से कई महीनों तक बाहर रहते थे।

तो जो महिलाएं पीछे रह जाती थीं, वे अपने पति के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना करती थीं। इसके तहत अक्सर वे पूरा दिन निर्जला उपवास रखती थीं। वहीं इस व्रत में कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, वरना व्रत सफल नहीं होता और नुकसान भी हो सकता है।

भूलकर भी न करें ये काम

मान्याओं के अनुसार करवा चौथ पर महिलाएं जल्दी उठती हैं और ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करती हैं। इसके बाद वे करवा माता, भगवान शिव, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय से प्रार्थना करती हैं और संकल्प (प्रतिज्ञा) लेती हैं कि व्रत का पालन अत्यंत भक्ति और ईमानदारी से करेंगी। करवा चौथ के दिन देर तक न सोएं।

क्योंकि व्रत की शुरुआत सूर्योदय के साथ ही हो जाती है। करवा चौथ के दिन यह व्रत करते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए अन्यथा इसके अशुभ फल भुगतने पड़ सकते हैं। व्रती महिलाओं को करवाचौथ में भूलकर भी यह काम करने से बचना चाहिए।

नहीं करना चाहिए कढ़ाई—सिलाई जैसे काम: करवाचौथ के दिन किसी भी प्रकार कि नुकीली चीज़ों से दूर रहना चाहिए। किसी भी प्रकार की कढ़ाई,सिलाई जैसे काम नहीं करने चाहिए। सुई धागे से तो बिलकुल दूर रहना चाहिए।

न करें सफेद वस्तुओं का दान:करवाचौथ पर्व सुहाग के लिए होता हैं। इसलिए इस दिन दान करना चाहें तो थोड़ा ध्यान रखें। करवाचौथ के दिन सफेद वस्तुओं जैसे सफेद कपड़े, दूध, चावल, दही और सफेद मिठाई आदि का दान न करें। यह अशुभ फल देता है।

काला रंग न पहनें: करवाचौथ सुहागिनों का पर्व है। इस कारण पूजा-पाठ के दरम्यान काले या भूरे रंग को शुभ नहीं माना जाता है। प्रयास करना चाहिए कि इस दिन लाल रंग के वस्त्र ही धारण करें । इसके पीछे एक वजह यह भी बताई जाती है कि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है।

क्रोध करने से बचें, न करें अपशब्दों का प्रयोग: करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। साथ ही क्रोध तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। महिलाओं को किसी भी प्रकार के अपशब्द नहीं बोलने चाहिए और न ही किसी से किसी प्रकार का झगड़ा करना चाहिए। खासतौर से अपने पति से झगड़ा बिल्कुल नहीं करना चाहिए, वरना व्रत का फल नहीं मिलता।

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