Sunday, September 25, 2022
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मनषी हत्याकांंड: एक लाख का इनामी इंस्पेक्टर जेएन सिंह व चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा चढ़े पुलिस के हत्थे

गोरखपुर। यूपी के गृह जनपद गोरखपुर में हुए जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपित और एक लाख के इनामी इंस्पेक्टर जेएन सिंह और फलमंडी चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा को गोरखपुर पुलिस ने रविवार शाम गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपितों से रामगढ़ताल और क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार दोनों को जल्द ही उन्‍हें कानपुर एसआइटी के सुपुर्द किया जाएगा।

बाकी बचे हुए चार आरोपितों की तलाश में गोरखपुर के साथ ही कानपुर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। फरार आरोपितों पर दबाव बनाने के लिए कई आरोपितों को हिरासत में लिया गया है। एसआइटी प्रभारी अपर पुलिस आयुक्‍त कानपुर आनंद प्रकाश तिवारी ने दोनों अभियुक्‍तों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। आपकों बता दें कि दोनों आरोपितों की तलाश में 16 टीमें दिन रात जुटी थी, और दोनों आरोपित शहर से ही पुलिस के हाथ लग गए, दोनों छुट्टी के दिन कोर्ट में पेश होने के फिराक में थे, ताकि वकीलों की पिटाई से बच सकें।

दोनों पर एक-एक लाख का था इनाम

मालूम हो कि नौ अक्‍टूबर को कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने आरोपितों पर घोषित 25-25 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर एक लाख कर दिया था। शासन स्तर से आरोपितों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ने पर पुलिस आरोपितों के घर वालों व करीबियों से पूछताछ कर रही थी।

कोर्ट में सरेंडर करना चाहते थे दोनों

पुसिल की बढ़ती घेराबंदी को देखते हुए दोनों आरोपित कोर्ट में सरेंडर करना चाहते थे, इसके लिए दोनों ने कई नामी वकीलों से भी संपर्क साधा था।निरीक्षक जेएन सिंह और दारोगा अक्षय मिश्रा नौ अक्‍टूबर की शाम गोरखपुर पहुंचे। इसकी भनक लगते ही गोरखपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई। रविवार को पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।

यह है पूरा मामला

आपकों बता दें कि 27 सितंबर को कानपुर के प्रापर्टी डीलर और कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों के साथ गोरखपुर घूमने के लिए आए थे। तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस में रात में पुलिस मनीष व उनके दोस्तों की पिटाई कर दी थी। इससे मनीष की मौत हो गई थी। दूसरे दिन मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने हत्यारोपित निरीक्षक जगत नारायण सिंह सहित छह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कराया था।जिसकी विवेचना कानपुर एसआइटी कर रही है। अपर पुलिस आयुक्त कानपुर आनंद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में दो अक्टूबर को गोरखपुर पहुंची एसआइटी की जांच में सभी पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। जिसके बाद आरोपितों की तलाश में छापेमारी की जा रह थी।

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