Wednesday, October 5, 2022
Homeउत्तर प्रदेशरेलवे के ढाई हजार कर्मचारियों की नौकरी पर मडराने लगा खतरा, जानिए...

रेलवे के ढाई हजार कर्मचारियों की नौकरी पर मडराने लगा खतरा, जानिए वजह

गोरखपुर। एक तरफ जहां लोग नौकरी पाने के लिए मेहनत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रेलवे अपने ढाई हजार से ज्यादा कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्ति् देने पर तुला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के 2566 बुजुर्ग रेलकर्मियों की को नौकरी से हटाया जा सकता है। रेलवे बोर्ड के नए निर्देश के अनुसार 30 वर्ष की नौकरी व 55 साल की आयु पूरी कर चुके रेलकर्मियों के छंटनी (जबरन सेवानिवृत्ति) दी जाएंगी, हालांकि वार्षिक कार्य निष्पादन रिपोर्ट (एपीएआर) और कार्य व्यवहार की समीक्षा के बाद ही सेवानिवृत्ति दी जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ मंडल प्रशासन ने समीक्षा के लिए समस्त विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इंजीनियरिंग विभाग ने 369 रेलकर्मियों को चिन्हित कर सूची तैयार करने के लिए सभी सहायक मंडल इंजीनियरों को पत्र लिख दिया है। अन्य 12 विभागों में भी रेलकर्मियों की सूची तैयार होने लगी है। रेलवे सुरक्षा बल के स्टाफ आफिसर ने भी वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त को सूची तैयार करने के लिए निर्देशित कर दिया है। यह संख्या तो सिर्फ लखनऊ मंडल की है, जिसमें गोरखपुर जंक्शन भी शामिल है। वाराणसी और इज्जतनगर मंडल प्रशासन ने भी अपने सभी विभागों में रेलकर्मियों के समीक्षा की कवायद तेज कर दी है। आपकों बता दें कि पूर्वोत्तर रेलवे में करीब पांच हजार रेलकर्मी जबरन सेवानिवृत्ति की जद में आ चुके हैं।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार विभागवार रेलकर्मियों की सूची तैयार होने के साथ ही मूल्यांकन रिपोर्ट और कार्य व्यवहार का आंकलन शुरू हो गया है। रेलकर्मियों के पांच वर्ष के एपीएआर के आधार पर ही अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी। जिसमें देखा जाएगा कि रेलकर्मी के खिलाफ कोई विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई तो नहीं हुई है। एपीएआर में उसका मार्क अंक वेरी गुड से कम तो नहीं है। वेडी गुड से कम मार्क पर रेलकर्मियों को न पदोन्नति मिलती है और न ही वेतन में वृद्धि हो पाती है।

मीडिया रिपोर्ट में उम्र, नौकरी और एपीएआर के अलावा कर्मचारियों के कार्य व्यवहार को भी शामिल किया जाएगा। सूची तैयार होने के साथ ही कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त ने विरोध जताते हुए सरकार पर रेलवे को बेचने के साथ कर्मचारियों को भी जबरदस्ती हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के माध्यम से जल्द ही इस प्रकरण को मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में लगभग 50 हजार रेलकर्मी तैनात हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंजीनियरंग- 369, एकाउंट- 47, कामर्शियल- 368, परिचालन- 365, इलेक्ट्रिकल- 223, प्रशासन- 35, यांत्रिक समग्र- 710, मेडिकल- 144, पर्सनल- 43, सुरक्षा- 117 और सिग्नल एवं टलिकाम- 147 कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। इस विषय में सीपीआरओ, एनई रेलवे- गोरखपुर पंकज कुमार सिंह का कहना है किआवधिक सेवा समीक्षा मूल नियमों के अंतर्गत प्रशासनिक मजबूती के लिए की जाती है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी यह समीक्षा की जानी है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है।

इसे भी पढ़ें…

Google search engine
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments