जियोसाइकिल बबल बैरियर ने 500 टन प्लास्टिक कचरे को यमुना नदी में जाने से रोका

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Geocycle bubble barrier prevents 500 tonnes of plastic waste from entering Yamuna river
एकत्रित प्लास्टिक कचरे को अंबुजा और एसीसी संयंत्रों के भीतर को-प्रोसेस किया जाएगा।

आगरा। समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण की चुनौती का समाधान करने की आवश्यकता को देखते हुए, अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड की घरेलू कचरा प्रबंधन शाखा जियोसाइकिल इंडिया देश में प्लास्टिक के कूड़े को इकट्ठा करने और को-प्रोसेसे करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अप्रैल 2021 में मंटोला नहर पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जियोसाइकिल बबल बैरियर चालू किया गया था। स्थापना के बाद से ही यह सफलतापूर्वक चल रहा है और इसकी सहायता से अब तक 500 टन प्लास्टिक अपशिष्ट को यमुना नदी में गिरने से रोका गया है। एकत्रित प्लास्टिक कचरे को अंबुजा और एसीसी संयंत्रों के भीतर को-प्रोसेस किया जाएगा।

आगरा नगर परिषद की ओर से पूरा सहयोग मिलने के साथ प्लास्टिक मुक्त आगरा मिशन को आगे बढ़ाने के अपने प्रयासों के तहत यह सफल पायलट प्रोजेक्ट अंबुजा और एसीसी की ओर से एक अग्रणी कदम साबित हुआ है। जियोसाइकिल द्वारा नदी के किनारे से एकत्र किए गए कचरे के साथ-साथ आगरा के एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) से कचरे को अंबुजा और एसीसी के नजदीकी संयंत्रों में ले जाया गया है। यहां से इस कचरे का सुरक्षित रूप से नए सिरे से इस्तेमाल हो सकेगा। आगरा नगर परिषद के आयुक्त श्री निखिल फुंडे ने कहा, ‘‘आगरा में प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए जियोसाइकिल बबल बैरियर की स्थापना सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक है। इसने आगरा नगर निगम को आगरा को प्लास्टिक मुक्त बनाने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने में मदद की है।’’ पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले जियोसाइकिल बबल बैरियर की सफलता के साथ, वाराणसी में स्थापित होेने वाला दूसरा प्रोजेक्ट पहले से ही योजना चरण में है। वरुणा और गंगा के संगम स्थल से ठीक पहले वरुणा नदी पर उपकरण लगाए जाएंगे। परियोजना डेटा संग्रह के लिए अंतिम चरण में है, और स्थानीय नगरपालिका के साथ कार्यक्षेत्र को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इंडिया होल्सिम के सीईओ और अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ नीरज अखौरी ने कहा, ‘‘हम स्वच्छ और हरित टैक्नोलॉजी को अपनाकर एक स्थायी और दीर्घकालिक भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी अपशिष्ट प्रबंधन इकाई जियोसाइकिल इंडिया ने इन पहलों को आगे बढ़ाने में हमारा मजबूती से साथ दिया है और इसने हमें औद्योगिक कचरे की को-प्रोसेसिंग और इसके फिर से इस्तेमाल के तरीकों को अपनाने में मदद की है। इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए, हम ऊर्जा को सुरक्षित रूप से पुनर्प्राप्त करना जारी रखेंगे और कचरे में निहित सामग्री मूल्य को शून्य अवशेष के साथ रीसायकल करेंगे।

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